रेवाड़ी रोड स्थित एक नामी निजी स्कूल की बच्चों से भरी बस सोमवार सुबह दूसरी बस से टकरा गई। इस हादसे में बस में बैठे करीब 50 बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद ड्राइवर और कंडेक्टर बस को मौके पर ही छोड़कर भाग गए। घायल हुए बच्चों को एक दूसरे स्कूल की बस के ड्राइवर कंडेक्टर और अन्य बच्चों ने निकाला। यहां के रेवाड़ी रोड पर गांव सुराना के पास स्थित निजी स्कूल की रूट नंबर 32 की बस सुबह नारनौल शहर और अन्य स्थानों से बच्चे लेकर सुराना के पास स्थित स्कूल को जा रही थी। इस दौरान नीरपुर चौक के पास बस के ड्राइवर ने एक निजी बस को पीछे से टक्कर मार दी तथा बाद में बस पेड़ से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद बस चालक व परिचालक बच्चों को बचाने की बजाए वहां से मौके से फरार हो गए। इसके कारण बस में बैठे सभी बच्चे सहम गए। हालांकि एक-दो बच्चों के छोड़कर किसी को चोट नहीं आई। वहां से गुजर रही एक अन्य स्कूल की बस के ड्राइवर कंडेक्टर व अन्य लोगों ने बस से बच्चों को निकाला तथा स्कूल संचालक को सूचित किया। इसके बाद बच्चों को स्कूल में ले जाकर उनकी मरहम पट्टी की गई।
हादसे के बाद हटा दी गई बस, पुलिस को नहीं जानकारी
स्कूल संचालकों ने हादसे के तुरंत बाद ही क्रेन बुलाकर वहां से बस को हटवा दिया। इसकी सूचना स्कूल संचालकों ने पुलिस तक नहीं दी। बस को स्कूल संचालकों ने कहां खड़ा किया। इस बारे में भी नहीं पता।
पुलिस चौकी में नहीं कोई जानकारी, अस्पताल भी नहीं पहुंचे कोई
यहां की महावीर चौक पुलिस चौकी में भी मामले की कोई जानकारी नहीं। चौकी में फोन कर जानकारी लेने पर ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया गया, जबकि नागरिक अस्पताल में भी कोई इलाज के लिए नहीं पहुंचा। वहीं कंडेक्टर व ड्राइवर ने किसी निजी अस्पताल से इलाज करवा लिया।
सूचना लगते ही दौड़े परिजन
हादसे की सूचना सुबह जैसे ही शहर के लोगों को लगी तो लोग स्कूल व अस्पताल की ओर दौड़े। अभिभावक महेंद्र कुमार, राजेश कुमार, रमेश कुमार आदि ने बताया हादसे की जानकारी लगते ही वे अपने बच्चों का हालचाल जानने स्कूल व अस्पताल की ओर दौड़े। स्कूल पहुंचने पर पता चला कि बच्चों को ज्यादा चोट नहीं लगी है।
स्कूल संचालक का मोबाइल बंद
हादसे के बाद से स्कूल संचालक का मोबाइल बंद है। स्कूल संचालक से अभिभावकों ने हादसे की जानकारी लेनी चाही, मगर संचालक का मोबाइल बंद मिला। जिससे अभिभावकों में निराशा है।