महेंद्रगढ़। शहर में प्रदूषण के चलते किसी प्राथमिक पाठशाला में ऑनलाइन कक्षा लगाने के निर्देश नहीं दिए गए हैं और वीरवार को जिला के सभी प्राथमिक स्कूल खोले गए और सुबह 8 से 2:30 बजे तक स्कूल में कक्षाएं लगाई गई। स्कूल मुखियाओं का कहना है कि यहां पर प्रदूषण अधिक नहीं है और न ही डीसी की ओर से कोई निर्देश मिले हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश में दिल्ली एनसीआर के लगते जिलों में प्राथमिक स्तर के स्कूलों की कक्षाएं ऑनलाइन लगाने के लिए डीसी को जिम्मेदारी सौंपी हैं। इसके लिए डीसी एक्यूआई की समीक्षा कर रहे हैं।
संवाददाताओं ने शहर के सात प्राथमिक स्कूलों की पड़ताल की गई जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क साधकर स्कूलों की पड़ताल की। इस दौरान शहरी और ग्रामीण सभी जगह प्राथमिक स्कूल खुले मिले। हर स्कूल में विद्यार्थियों की मौजूदगी और पढ़ाई चलती मिली। स्कूल मुखियाओं से इस बारे में बातचीत की।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। अभी तक डीसी की ओर से इस बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इसलिए प्रतिदिन की तरह कक्षाएं लगाई गई। अगर डीसी की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए जाएंगे तो नियमों का पालन किया जाएगा।
शहर के मसानी चौक स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल में 82 विद्यार्थी उपस्थित थे। इसी तरह सैनीपुरा मोहल्ला में प्राथमिक स्कूल में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति अच्छी रही। दूसरी ग्रामीण व शहरी हर स्कूल में 80 से 95 फीसदी विद्यार्थी मौजूद रहे।
- दोपहर को 189 रहा जिले का एक्यूआई
वीरवार दोपहर को वायु गुणवत्ता जांची गई तो एक्यूआई 189 मिला जबकि सेहत के लिए 50 एक्यूआई तक वायु गुणवत्ता बेहतर मानी जाती है। अगर एक्यूआई 100 से अधिक जाता है तो यह कमजोर इम्यूनिटी के बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है और इससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है। वायु गुणवत्ता एप में वायु गुणवत्ता मध्यम दर्शाई गई।
हमारे जिले में अभी तक वायु गुणवत्ता मध्यम स्तर की बनी हुई है और डीसी इसकी प्रतिदिन जांच कर रहे हैं। इससे बच्चों की सेहत बुरा असर नहीं होगा। अगर डीसी की ओर से निर्देश मिलते हैं तो कक्षाओं का मोड ऑनलाइन करवा दिया जाएगा।
- सुनील दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या-52 मसानी चौक स्थित प्राथमिक स्कूल में पढ़ाई करते विद्यार्थी। संवाद