महेंद्रगढ़/नारनौल। जिले के राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में 22 व 23 दिसंबर को होने वाले सेंसस असेसमेंट टेस्ट तिथि बढ़ा दी गई है। अब यह टेस्ट 29 व 30 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा और इसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता जांची जाएगी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से दो चरणों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता जांची जाएगी। इसके लिए सेंसस बेस्ड ग्रुपिंग एक्टिविटी चलाई जा रही है। इसका पहला चरण 15 व 16 सितंबर को हो चुका है।
इसके बाद विभाग की ओर से स्कूलों को 45 दिन का रेमेडिएशन क्लासेज का समय दिया गया। प्रदेश के शिक्षक संगठनों की ओर से रेमेडिएशन समय अवधि कम बताई गई और निदेशालय को मांग पत्र सौंपकर रेमेडिएशन क्लास के लिए और समय देने की मांग की।
कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि सेंसस 2.0 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी केआरपी का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही असेसमेंट कार्य के लिए लगभग 800 टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को प्रशिक्षित कर उनकी ड्यूटी लगाई जा चुकी है।
अधिकारी सुनील दत्त ने कहा कि सेंसस 2.0 एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य सभी बच्चों को निपुण बनाना है। यदि शिक्षक बच्चों की कमजोरियों को पहचान कर लक्षित शिक्षण कार्य करें तो प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों का होगा टेस्ट
प्रदेश में गतिविधियों के माध्यम से कक्षा पहली से तीसरी के प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक सत्र का आकलन किया जाएगा। टीमें इसका रिकॉर्ड ऑनलाइन एप के माध्यम से सबमिट करेंगी और हर विद्यार्थी का पूरा रिकॉर्ड व शैक्षणिक स्तर शिक्षा विभाग के पास भेजेंगी। इसके बाद विभाग शिक्षकों के कार्य की समीक्षा करेगा। विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के आधार पर आगामी योजना तैयार की जाएगी।
वर्जन:
शिक्षा निदेशालय की ओर से दो दिवसीय सेंसस बेस्ड ग्रुपिंग एक्टिविटी आयोजन किया जा रहा है और इसमें प्राथमिक स्कूलों का शिक्षा स्तर जांचा जाएगा। फिलहाल सभी स्कूल प्रभारियों को टेस्ट के लिए निर्देश जारी किए गए हैं और इस बार सभी स्कूलों के टेस्ट में श्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है। -अलका, खंड शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़