मुख्यमंत्री मनोहरलाल शनिवार को सुबह 10.15 बजे ढोसी की पहाड़ी पर और उसके बाद 11.15 बजे माधोगढ़ किले का निरीक्षण करने आ रहे हैं। नारनौल से ढोसी की पहाड़ी व आरपीएस कॉलेज बलाना हवाई पट्टी की दूरी महज 35 किलोमीटर ही है। हालांकि स्टेट हाईवे की जर्जर हालत के चलते मुख्यमंत्री यह सफर सड़क की जगह हवाई रास्ते से हेलीकॉप्टर के जरिये पूरा करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक नारनौल से महेंद्रगढ़ स्टेट हाईवे की हालत पूर्ण जर्जर है। जिस वजह से मुख्यमंत्री ने माधोगढ़ तक पहुंचने के लिए हवाई सफर चुना। वैसे मुख्यमंत्री के लिए पीजी कॉलेज महेंद्रगढ़ भी हेलीपेड तैयार किया जा रहा था लेकिन बाद में आरपी कॉलेज बलाना हैैलीपेड पर उतारने का फैसला लिया गया। पीजी कॉलेज से सतनाली चौक तक रोड के हालात भी बहुत खराब हैं। लोक निर्माण विभाग 20-20 फुट लंबे गड्डे रोड़ों से भरे हैं। अगर सीएम देख लेते तो उनके द्वारा महेंद्रगढ़ में करवाए गए विकास की हकीकत पता चल जाती। यह हाईवे पिछले कई वर्षों से जर्जर हो रखा। मई माह में 54 किलोमीटर रोड की मरम्मत चार करोड़ रुपये से करवाई थी लेकिन यह फिर जर्जर हो गया है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च 2015 में हरियाणा को दो नए नेशनल हाईवे देने का ऐलान किया था। 9 अप्रैल 2015 को केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर पंजाब के बठिंडा-मानसा से राजस्थान के कोठपुतली तक की सड़क को नेशनल हाईवे का दर्जा दिया। जिसके अनुसार यह हाईवे कोठपुतली से नारनौल महेंद्रगढ़, दादरी, भिवानी, हांसी, बरवाला व टोहाना होते हुए पंजाब के मानसा तक जाएगा। 21 जुलाई 2015 को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सिरसा रैली में ऐलान करते हुए दोहराया कि कोठपुतली से मानसा तक एनएच को फोरलेन किया जाएगा। बाद में ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाने की वजह से दादरी से नारनौल तक का रोड अधिसूचित कर दिया। अब इस सड़क को बनाने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। कई बार पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा, राज्यमंत्री ओमप्रकाश एडीओ, विधायक अभय सिंह यादव मुख्यमंत्री को अवगत करवा चुके हैं। प्रदेश सरकार के पास यह रोड आने के बाद एचएसआरडीसी ने डीपीआर बनवाई है जो पिछले सप्ताह प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भिजवाई गई है। प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया आरंभ होगी।
महेंद्रगढ़- नारनौल को16 जिलों से जोड़ने वाला हाईवे महेंद्रगढ़, नारनौल को हरियाणा के 16 जिले इसी हाईवे के जरिए जुड़ते हैं। दादरी, भिवानी, रोहतक, झज्जर, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत व कैथल को जोड़ने के लिए यह हाईवे उपयोग होता है। राजस्थान के कोठपुतली से पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल को भी यही हाईवे जोड़ता है।