क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के आह्वान पर वीरवार को सभी विभागों में कार्यरत लिपिकों ने विधायक सीताराम को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन से पूर्व अटेली कॉलेज के समीप बैठक कर अपनी भावी रणनीति बनाई।
राज्य महामंत्री अमित कुमार, जिला प्रधान दिनेश कुमार व सचिव मनजीत यादव ने बताया कि उनकी मांग लिपिकों के टेक्निकल तथा अन्य ऑफिशियल कार्यों की समीक्षा के आधार पर वेतनमान 7वें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित पे लेवल -6 में 35400 किया जाए। उन्होंने बताया की पूर्व में चौथे वेतन आयोग व इसके बाद के सभी आयोगों द्वारा लिपिकों की उपेक्षा के चलते पूर्व में लिपिकों के समकक्ष या उनसे कम वेतन पाने वाले विभिन्न कैटेगरी के कर्मचरियों एमपीएचडब्ल्यू, फार्मासिस्ट, जीएनएम, वैक्सीनेटर, जेबीटी अध्यापक, लेक्चरर, विभिन्न तकनीकी शाखाओं में कार्यरत जेई, वन विभाग के डिप्टी रेंजर, फारेस्ट गार्ड तथा ड्राइवर, सिग्नलर के पदों का वेतनमान आज दोगुने से भी अधिक कर दिया गया हैै। एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में अब तक के सभी वेतन आयोगों की तुलनात्मक रिपोर्ट भी सौंपी। ज्ञापन में अपेक्स कोर्ट के एक फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें कोर्ट ने किसी पद के वेतन निर्धारण के लिए दस जरूरी मापदंड बताए, जिसमें किसी भी पद के वेतनमान का निर्धारण उस पद की शैक्षणिक योग्यता के साथ कार्यों की समीक्षा के आधार पर किया जाता है। एसोसिएशन ने यह भी बताया की पहले वेतन आयोग के बाद आज 7वें वेतन आयोग तक लिपिक पद के कार्यों की समीक्षा नहीं की गई। न ही उनके वेतनमान को संशोधित किया गया। लिपिक पद के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता के अतिरिक्त टाइपिंग भी अनिवार्य है, लेकिन जब भी वेतन निर्धारण की बात आती है तो 1957 के पुराने नियमों का हवाला देकर टाल दिया जाता है। इतने कम वेतनमान में एक लिपिक द्वारा सम्मानजनक जीवनयापन करना बहुत ही मुश्किल है। आज के समय में लिपिकों के कार्यों में भारी बदलाव आया है। अब लिपिक का कार्य केवल फाइलों के रखरखाव या डायरी डिस्पैच से कहीं ज्यादा बढ़ कर टेक्निकल हो गया है। सरकार द्वारा लांच किए विभिन्न पोर्टल तथा अन्य विभागीय सॉफ्टवेयर पर कार्यों का निष्पादन लिपिकों द्वारा ही किया जाता है। वर्तमान समय में लिपिकों द्वारा उपरोक्त कार्यों के अलावा टाइपिंग वर्क, डाटा एंट्री, डॉक्यूमेंट स्कैनिंग, ई-मेल का यथा संभव निपटान, कोर्ट केस, ई-पेंशन, ई सैलेरी, ई-ऑफिस, एमआईएस पोर्टल, एचआरएमएस पोर्टल, विभिन्न शिकायत पोर्टल जैसे कार्य किए जाते हैं। इस मौके पर राज्य महामंत्री अमित कुमार, जिला कार्यकारिणी प्रधान दिनेश कुमार, सचिव मंजीत यादव, मुकेश यादव, कृष्ण, सुमन यादव, महेंद्र सिंह, रणधीर सिंह, दिनेश, ललित यादव, अशोक कुमार, श्याम मनोहर, करतार, सुधीर, मंजू यादव, प्रियंका, विजयपाल व विजय कुमार मौजूद रहे।