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रेलवे मंत्री की घोषणा के 8 साल बाद भी अलवर-चरखी दादरी रेल लाइन के लिए नहीं हुआ सर्वे

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महेंद्रगढ़। रेलमंत्री की घोषणा के 8 साल बाद भी अलवर-चरखी दादरी रेलवेे लाइन वाया नारनौल महेंद्रगढ़ की मांग पूरी नहीं हो पाई। यूपीए-2 सरकार की तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने 2012 में अलवर से चरखी दादरी रेलवे लाइन के सर्वे की घोषणा की थी। रेल लाइन बनना तो दूर 8 साल बाद भी इसका सर्वे नहीं हो सका। एक फरवरी से केंद्र सरकार का बजट सत्र शुरू होने वाला है। बजट से क्षेत्र के लोगों को इस रेलवे लाइन की मंजूरी के लिए काफी उम्मीदें हैं। रेलवे लाइन मंजूरी मिली तो अहीरवाल क्षेत्र को काफी फायदा मिलेगा। इससे हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों को फायदा होगा। अलवर के सांसद महंत बालक नाथ और महेंद्रगढ़-भिवानी सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह केंद्र सरकार से यह मांग करें तो यह सौगात मिलने की उम्मीद है।
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यूपीए-2 में तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने 2012 में अलवर से चरखी दादरी रेलवे लाइन के सर्वे की घोषणा की थी। एनडीए की सरकार ने 2014 में अपने पहले आधे बजट में महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी रेलवे लाइन को डबल ट्रैक करने की घोषणा की। दोनों ही घोषणाओं पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल कुछ दिन पहले रेलमंत्री पीयूष गोयल से मिले थे। उन्होंने करनाल से यमुनानगर रेल परियोजना का निर्माण और कैथल में भी 4 किमी. लंबी एलिवेटेड रेलवे लाइन निर्माण की सहमति बनी थी। इसके अलावा पंचकूला रेलवे स्टेशन को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की भांति विकसित किए जाने की सहमति दिलवाई है। केंद्र सरकार हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को हरी झंडी दे चुकी है। पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने अपनी कई रैलियों में यह मांग उठाई थी।
कई बार किया जा चुका है प्रदर्शन
दैनिक रेलयात्री संघ इस लाइन का सर्वे करवाने और दिल्ली-सादलपुर लाइन पर नई रेल गाड़ियां, चलाने की मांग को लेकर कई बार धरना दे चुका है। कई बार रेलवे के अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। सामाजिक संगठन भी कई बार इस मांग को लेकर अपना विरोध जता चुके हैं।
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लाइन बनने से खर्च होगा कम
अलवर से चरखी दादरी की दूरी करीब 160 किलोमीटर है। सड़क से इस दूरी को तय करने में पांच से छह घंटे का समय लगता है। बस किराया लगभग 180 रुपये खर्च करना पड़ता है। यदि रेल सेवा प्रारंभ हो जाए तो एक यात्री पेसेंजर गाड़ी का लगभग 35 से 40 रुपये तथा एक्सप्रेस गाड़ी का 70 रुपये किराया पड़ता है।
इस क्षेत्र की पुरानी मांग है। मैं और अलवर सांसद बालक नाथ इस संबंध में एक बार बैठक करेंगे। इस मुद्दे को बजट सत्र में उठाएंगे। इस मांग को पूरा कराने के लिए गंभीरता से प्रयास करूंगा। यह मांग पूरी हो जाती है तो निश्चित रूप से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा।
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-धर्मबीर सिंह, सांसद, महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा।
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