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पीएम स्वनिधि योजना का लाभ लेने में रेहड़ी, खोमचा लगाने वाले नहीं दिखा रहे रुचि

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नगर परिषद में स्वनिधि योजना के तहत आवेदन जमा करवाते लोग। संवाद - फोटो : Narnol
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प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना का लाभ लेने में रेहड़ी, खोमचे व पटरी पर दुकान लगाने वाले लोग अधिक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि अभी तक जिले में 320 लोगों ने ही इस योजना के तहत दस हजार रुपये का ऋण लिया है। जबकि जिले में 1666 लोग योजना के तहत पंजीकृत है। नगर परिषद नारनौल बार-बार ऐसे लोगों से संपर्क साध कर उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, मगर ये लोग अधिक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अब योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे इसलिए नगर परिषद द्वारा विशेष शिविर लगाने की योजना बनाई गई है, ताकि कोई वंचित आवेदन कर सकें और आवेदन कर चुके लोगों का ऋण के लिए बैंक में आवेदन करवाया जा सके।
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बता दें कि वर्ष 2020 में कोरोना की पहली लहर के दौरान सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई थी। जिसके तहत सड़क पर रेहड़ी व खोमचे आदि लगाने वाले लोगों को 10 हजार रुपये का ऋण दिया जाएगा। आवेदक को 10 हजार रुपये का यह ऋण एक वर्ष के दौरान किस्तों में जमा करवाना होता है। ऋण जमा करवाने के बाद उसे 20 हजार रुपये के ऋण के लिए आवेदन करने का योग्य माना जाता है। जिले में रेहड़ी व खोमचे आदि लगाने वालों की पहचान के लिए रुद्रा अभिषेक कंपनी द्वारा जिले सर्वे किया गया था। इस सर्वे में ऐसे लोगों की पहचान कर दस्तावेज के आधार पर उनका पंजीकरण किया गया था। जिले में 1666 लोगों का पंजीकरण कर उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग जारी किए गए हैं। इसके अलावा उन्हें एक पहचान पत्र भी दिया गया है। मगर जिले में अब तक बहुत कम लोगों ने योजना का लाभ लिया है।
जिले में कहां पर कितने लोगों ने कराया पंजीकरण
योजना की डीलिंग कर्मचारी अन्नू भारद्वाज व कविता राणा के अनुसार पीएम स्वनिधि योजना के तहत जिले में 1666 रेहड़ी व खोमचे आदि लगाने वालों ने पंजीकरण करवाया है। जिन्हें सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग व पहचान पत्र जारी किया जा चुका है। इनमें सबसे अधिक 685 नारनौल, महेंद्रगढ़ में 495, नांगल चौधरी में 261 व सबसे कम अटेली में 120 लोग शामिल हैं। इन लोगों में से केवल 320 लोगों ने ही बैंकों में आवेदन कर 10 हजार रुपये का ऋण लिया है। इनमें से 5-7 लोगों ने ऋण जमा करवाकर 20 हजार रुपये ऋण के लिए आवेदन किए हैं।
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लोगों को जागरूक करने के लिए लगाए जाएंगे शिविर
नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी सुमन लता ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर रेहड़ी, खोमचे आदि लगाने वाले के जीवनस्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना चलाई है। योजना के तहत उक्त लोगों को दस हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। उक्त ऋण को वे एक वर्ष तक आसान किस्तों में जमा करवा सकते हैं। इसके बाद वे 20 हजार रुपये तक के ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। मगर जिले में 1666 में से केवल 320 लोगों ने ही योजना का लाभ लिया है। इस योजना का अधिक से अधिक लाभ मिले इसके लिए नगर परिषद द्वारा 10 से 28 फरवरी तक विभिन्न पालिकाओं में तीन-तीन दिन के शिविर लगाए जाएंगे।
पंजीकृत होने के बाद निर्धारित हो सकेगी जगह
योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की आर्थिक मदद करने के साथ-साथ उनकी पहचान करना भी है। इसलिए पंजीकृत होने वाले लोगों को सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग व पहचान पत्र भी जारी किया जा रहा है। नगर परिषद के पास उनकी संख्या व डाटा एकत्रित होने के बाद उनकी रेहड़ी व खोमचे आदि लगाने के लिए स्थान निर्धारित किए जाने की योजना है, ताकि उन्हें बार-बार नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा परेशान न किया जाए।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना रेहड़ी व खोमचे आदि लगाने वाले के लिए है। इस योजना का लाभ लेने के लिए उन्हें पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण होने के बाद उन्हें सर्टिफिकेट व पहचान पत्र जारी किया जाता है। जिसके आधार पर वे बैंक से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। वंचित लोगों को योजना से जोड़ने व जागरूक करने के लिए 10 से 28 फरवरी तक सभी पालिकाओं में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। -सुमन लता, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद नारनौल।
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