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नकली नंबर प्लेट बनाकर प्रयोग करने के मामले में छह गिरफ्तार

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महावीर चौकी पुलिस ने वाहनों की नकली नंबर प्लेट बनाकर बेचने व नकली नंबर प्लेट प्रयोग के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक आरोपी के पास से पुलिस ने नंबर प्लेट बनाने की डाई, अंग्रेजी के छोटे-बड़े अक्षर, 116 के करीब बनाई हुई और बिना छपी नंबर प्लेट और करीब 147 नकली चिह्न (लोगो) बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि महावीर चौकी की पुलिस ने 6 मार्च को नीरपुर चौक के पास से एक बोलेरो गाड़ी को पकड़ा था जिस पर नकली नंबर प्लेट लगी हुई थी और नंबर प्लेट को छुपाने के लिए उस पर ग्रीस लगाई हुई थी। पुलिस ने गाड़ी में बैठे गांव मुकुंदपुरा के रहने वाले अजीत उर्फ राव, विक्रम उर्फ चोटी, सतीश और पूर्णमल उर्फ कालू को गिरफ्तार किया था। इनमें पूछताछ पर पुलिस ने पता लगाया कि उक्त युवकों ने फाइनेंस कंपनी को धोखा देने के लिए गाड़ी पर नकली नंबर प्लेट लगाई हुई थी और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने अजीत से गाड़ी की आरसी की जांच की तो पाया कि वह भी नकली है। इस पर पुलिस द्वारा गाड़ी और युवकों की तलाशी लेने पर गाड़ी से टेंपररी नंबर प्लेट और अजीत से एक देसी कट्टा और एक रौंद बरामद किया था।
नकली चिह्न लगाकर बना रहे थे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
आरोपी अजीत से नकली नंबर प्लेट के बारे में पूछताछ करने पर बताया कि उसने रमेश निवासी पटीकरा के पास से नकली नंबर प्लेट ली है। इस पर पुलिस ने रमेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ में रमेश ने नारनौल में जीनियस बाइक एक्सेसरीज के नाम से अनिल निवासी खोड़मा की दुकान से नंबर प्लेट बनवाने की बात बताई। जिस पर पुलिस ने अनिल निवासी खोड़मा को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की। इसमें पता लगाया रमेश आरोपी अनिल के पास नंबर प्लेट बनवाने वाले ग्राहक लेकर आता था और मुनाफे का हिस्सा दोनों में बराबर बांट लिया जाता था। पुलिस ने आरोपी अनिल से पूछताछ करते हुए पता लगाया कि वह बिना छपी हुई नंबर प्लेट दिल्ली से लाता था और उन पर नकली चिह्न लगाकर हाई सिक्योरिटी की नकली नंबर प्लेट बनाता था।
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अधिकृत एजेंसी ही बना सकती है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट केवल सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी ही बना सकती है मगर आरोपी अनिल ने बिना अधिकृत एजेंसी के ही इस प्रकार की नंबर प्लेट तैयार की। इस कार्य में दोनों काफी मुनाफा ले रहे थे। वहीं इस प्रकार नकली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाकर सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे। आरोपी अनिल के पास से पुलिस ने नंबर प्लेट बनाने की डाई, अंग्रेजी के छोटे-बड़े अक्षर, बनाई हुई और बिना छपी हुई नंबर प्लेट करीब 116 और करीब 147 नकली चिह्न (लोगो) बरामद किए।
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