नारनौल। शहर के हुडा सेक्टर में पिछले तीन-चार दिनों से की जा रही तोड़फोड़ के विरोध में सेक्टरवासियों ने रविवार को बैठक की। जिसके बाद सेक्टरवासी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव से उनके निवास पर मिले और एचएसवीपी द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में बताया। सेक्टरवासियों ने बताया कि विभाग लोगों को बेवजह परेशान कर रहा है, क्योंकि विभाग द्वारा यह कार्रवाई केवल सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए की जा रही है। जबकि विभाग जहां-जहां सीवरेज लाइन या सीवरेज मैनहॉल है वहां बिना किसी रुकावट के अपना कार्य कर सकता है। मगर विभाग सेक्टर के सभी लोगों के घरों के बाहर बनाई गई ग्रीन बेल्ट को तोड़ रहा है। जोकि किसी भी प्रकार से सही नहीं है। लोगों की समस्या सुनकर राज्यमंत्री ने उपायुक्त को इस संबंध में निर्देश दिए। जिसके बाद उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले विभाग अपनी जगह चिन्हित करके इसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाए।
बता दें कि हुडा सेक्टर में गत तीन-चार दिनों से एचएसवीपी द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया हुआ है। जिसके तहत घरों के बाहर बनी ग्रीन बेल्ट को तोड़ा जा रहा है। इसके विरोध में सेक्टरवासियों ने पटेल पार्क में बैठक की। इस मौके पर पूर्व माइनिंग अधिकारी वासुदेव यादव ने कहा कि सेक्टर में की जा रही तोड़फोड़ नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि सीवरेज व ड्रेनेज ओपन रखने के लिए ग्रीन बेल्ट में लगी जालियों को तोड़ा जा रहा है। जिसके चलते सेक्टर की सुंदरता कम हो गई है। उन्होंने कहा कि पहले सभी घरों के आगे ग्रीन बेल्ट का निर्माण करवाया गया। जहां पर लोगों ने पेड़ पौधे लगाए, लेकिन अब उस ग्रीन बेल्ट को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एचएसवीपी द्वारा नाजायज तरीके से तोड़फोड़ की जा रही है। इनके पास तोड़फोड़ की कार्रवाई करने का कोई ब्लू प्रिंट नहीं है। इसका कोई नक्शा भी नहीं बना हुआ है। फिर भी सेक्टर के लोग प्रशासन का साथ दे रहे हैं, लेकिन तोड़फोड़ की बजाय प्रशासन को यहां पर टूटी हुई सड़कों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट को ठीक, बंद पड़े सीवर के मैनहाॅल को शुरू करवाना चाहिए। इसके साथ बरसाती पानी की निकासी की ओर भी ध्यान देना चाहिए।