मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका।
- फोटो : Narnol
नारनौल। स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया व एआईयूटीयूसी यूनियनों आह्वान पर हुई राष्ट्र व्यापी हड़ताल में जिलेभर की स्कीम वर्कर्स ने जिला मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। वहीं मांगों का एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम सीटीएम अमित कुमार को सौंपा। इससे पूर्व जिला भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका, आशा कार्यकर्ता व मिड-डे मील कार्यकर्ता चितवन वाटिका में एकत्रित हुई।
यहां से अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंची। यहां सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका यूनियन की जिला प्रधान कृष्णा देवी, आशा कार्यकर्ता यूनियन की जिला प्रधान आशा देवी, सचिव मधु देवी, मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन की प्रधान सुनीता देवी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें स्कीम वर्कर्स की ज्वलंत समस्याओं की अनदेखी कर रही है। स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना तो दूर श्रमिक मानकर न्यूनतम वेतन रुपये 28000 भी सरकार नहीं दे रही है। स्कीम वर्कर्स से जो कार्य करवाए जा रहे हैं वे 12 माह किए जाने वाले सरकारी काम है।
कृष्णा देवी ने कहा कि आंगनबाडी़ स्कीम का निजीकरण किया जा रहा है। रोजाना की सामान्य ड्यूटी के अलावा उन्हें पोषण ट्रैकर एप से डिजिटल रिपोर्ट बनाने व भेजने के लिए बाध्य किया जाता है। प्रधानमंत्री द्वारा 2018 में मानदेय भत्ते में की गई बढ़ोतरी को आज तक लागू नहीं किया गया है। भारतीय श्रम सम्मेलनों में सर्व सम्मति से पारित सिफारिश व पेंशन लागू नहीं की। इससे स्कीम वर्कर्स में भारी रोष है। प्रदर्शन में संतोष ढिल्लो, पूर्व प्रधान बिमला देवी हेमलता, राजबाला, रेणू, सुमित्रा, सुरेखा, इंदिरा देवी, कमलेश, प्रेम, बलजीत, प्रेमलता, मुकेश कुमार, सूबे सिंह, छाजूराम रावत, सीताराम प्रधान, शेर सिह, महावीर गोद सरकार से स्कीम वर्कर्स की मांगों को स्वीकार करने की मांग की।