महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्वामी दयानंद सरस्वती पीठ के तत्वावधान में संस्कृत व्याकरण शास्त्र में कारक प्रकरण विषय पर सात दिवसीय राष्ट्रीय ई-कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार से ऑनलाइन शुरू हुआ है। देशभर के 350 से अधिक संस्कृत विद्वान, आचार्यगण, विद्यार्थी और शोधार्थी हिस्सा ले रहे हैं।
जम्मू विश्वविद्यालय की शोधार्थी वीणा ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति की आत्मा है। इसकी व्याकरण परंपरा तर्क, अनुशासन और विचार की उत्कृष्ट प्रतीक है। कारक प्रकरण जैसे विषय मानव जीवन में कर्तृत्व और उत्तरदायित्व के बोध को जागृत करते हैं।
संस्कृत का अध्ययन वैश्विक सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने इस कार्यशाला की सरहाना करते हुए संयोजिका डॉ. सुमन रानी को बधाई भी दी। प्रो. वेदपाल डिंडोरिया आचार्य संस्कृत विभाग दिल्ली विश्वविद्यालय दिल्ली ने बताया कि कार्यशाला छात्रों में वैदिक व लौकिक संस्कृत साहित्य के प्रति रुचि पैदा करते हुए साहित्य व व्याकरण शास्त्र के प्रति एक अच्छी समझ विकसित करेगी। हिमाचल प्रदेश से प्रो योगेंद्र, गुजरात से डॉ. रामकृपाल, डॉ. कृष्णा, उतर प्रदेश से डॉ. सतेंद्र , उत्तराखंड से डॉ.वेदव्रत, पंजाब से डॉ. राहुल, राजस्थान से प्रो. राजेश, डॉ सुमन, डॉ. विरेंद्र , जम्मू से डॉ. वीना, बिहार से विश्वेश्वर सहित आचार्य बलबीर, डॉ. निर्मला मौजूद रहे।