महेंद्रगढ़/आकोदा। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने गांव आकोदा एवं सेहलंग में किराना एवं मिठाइयों की दुकान से सैंपल लिये। टीम ने अलग-अलग दुकानों से तेल, मसाले तथा मिठाइयों के दस सैंपल भरे। सैंपल जांच के लिए लैब में भेज जाएंगे।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने डॉ. भंवर सिंह के नेतृत्व में गांव आकोदा में मिठाइयों की दुकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने किराना एवं मिठाइयों की दुकानों से तेल, मसाले, पनीर के पकौड़े और बरफी, कलाकंद आदि के दस सैंपल लिए। आठ सैंपल गांव आकोदा से तथा दो सेहलंग गांव से भरे गए हैं। खाद्य एवं सरंक्षा अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने दुकानदारों से रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस भी मांगा। किसी के पास रजिस्ट्रेशन नहीं था। सभी संचालकों को एफएसएसएआई की ओर से जारी गाइड लाइन के बारे में भी अवगत करवाया। डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि इस समय त्योहार का सीजन चल रहा है और दुकानदार द्वारा मिठाइयों में मिलावट की जाने खबरे सामने आ रही हैं। उसी को ध्यान में रखकर ये सैंपल भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।
सैंपल फेल होने पर है पांच लाख रुपये तक का जुर्माना
विभाग दो प्रकार के सैंपल चेक करता है। एक तो जो मिठाइयां खाने योग्य नहीं हो तथा दूसरा मिलावटी खाद्य पदार्थों का। खराब मिठाइयां जो खाने योग्य नहीं हो उसका केस सीजीएम कोर्ट में डाला जाता है। उसमें सजा तथा जुुर्माना दोनों का प्रावधान है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के बेचे जाने पर एडीसी कोर्ट में केस डाला जाता है। जिसमें पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
हलवाइयों की दुकानों का नहीं रजिस्ट्रेशन
डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि खाद्य पदार्थ बेचने वाले बहुत कम दुकानदारों ने रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस बनवाया हुआ है। उन्होंने बताया कि एफएसएसएआई की साइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस बनवाया जा सकता है।
अधिकारी का कहना
हमने गांव आकोदा में आठ तथा सेहलंग में दो सैंपल भरे हैँ। अब ये सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. भंवर सिंह, खाद्य एवं संरक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़।