फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्षाबंधन पर बसों में उमड़ी भीड़, आरटीओ की टीम ने किया चेक

विज्ञापन
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर बस में सवार होने के लिए लगी यात्रियों की भीड़। संवाद - फोटो : Narnol
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। रक्षाबंधन पर रोडवेज और निजी परिवहन समिति की बसों में महिलाओं की भीड़ उमड़ी। शनिवार दोपहर बाद से महिलाओं को यात्रा में छूट देने के बावजूद निजी बस संचालक किराया वसूल रहे थे। आरटीओ टीम रविवार को हरकत में आई। आरटीओ टीम ने सुबह चरखी दादरी एवं रेवाड़ी रोड पर निजी बसों को चेक किया। इस दौरान अधिकतर बस परिचालकों ने महिलाओं से किराया नहीं लिया था। एक बस में कुछ महिला यात्रियों से किराया लिया तो उसको वापस करवा दिया गया था।
विज्ञापन

यह मुद्दा अमर उजाला टीम ने रविवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद ही आरटीओ विभाग हरकत में आया था। वहीं रोडवेज बसों का संचालक सभी रूटों पर रहा। यात्रियों को किसी प्रकार की परेेशानी नहीं उठानी पड़ी।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर 36 घंटे के लिए महिलाओं एवं 15 वर्ष के बच्चों के लिए रोडवेज बस एवं निजी बस सेवा फ्री की हुई है। निजी बस संचालक महिलाओं एवं बच्चों से किराया वसूल रहे थे। कई बस संचालकों ने अपनी बसों को बंद कर दिया था। इस मुद्दे को अमर उजाला समाचार पत्र ने प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद आरटीओ टीम हरकत में आई। रविवार को सुबह साढ़े दस बजे आरटीओ कार्यालय से ट्रांसपोर्ट सब इंसपेक्टर संत कुमार, रविकांत एवं ड्राइवर मनोज की टीम चरखी दादरी रोड पर पहुंची। इस दौरान उन्होंने महेंद्रगढ़ से दादरी आने जाने वाली पांच छह निजी बसों को चेक किया। जिनमें अधिकतर बस परिचालकों ने किराया नहीं लिया था। एक दो बसों में किराया लिया वो वापस करवा दिया गया था। इसके बाद रेवाड़ी रोड पर भी बसों की चेकिंग की गई। दोपहर बाद 3 बजे तक टीम ने मुस्तैद रही। रेवाड़ी ट्रैक पर लगभग 30 गाड़ियों के चार चक्कर होते हैं। उनमें अधिकतर गाड़ियां चली। जो गाड़ियों नहीं चलाई गई रेवाड़ी अड्डा इंचार्ज ने उन पर कार्रवाई कर सती है।
विज्ञापन

115 रूटों पर चलीं 138 बसें
नारनौल डिपो की सभी 138 बसें 115 रूटों पर चल रही हैं। रक्षाबंधन के दिन बस स्टैंड पर काफी भीड़ रही। लोगों का आवागमन देर शाम तक जारी रहा। कई बसों में सवारियां ऊपर नीचे हो रखी थीं। बसो का संचालन समय पर रहने की वजह से महिलाओं को परेशानी नहीं उठानी पड़ी। पर्व को लेकर छोटे रूटों पर आवश्यकतानुसार चक्कर बढ़ाए गए। इसके अलावा ट्रेनिंग स्कूल से अतिरिक्त स्टाफ भी लगाया गया था। विभाग की ओर से स्टाफ ड्यूटी पर पूर्ण तरह अलर्ट था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें