विधायक डॉ. अभय सिंह यादव को ज्ञापन सौंपते सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारी। संवाद
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रोडवेज विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बनाए जाने वाले पहचान पत्र पर नॉट फॉर फ्री ट्रेवलिंग अंकित करने सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने रोष जताया है। इसको लेकर बुधवार को रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल यादव के नेतृत्व में विधायक डॉ. अभय सिंह यादव से उनके निवास पर मिलकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि अपने जीवन के लगभग 30-35 वर्षों की सेवा के उपरांत सेवामुक्त होने के बाद सचिव द्वारा निशुल्क यात्रा का लिखित आदेश पारित किया था। इस आदेश को रोडवेज के कर्मचारियों द्वारा सम्मान के रूप में देखा जाता था, लेकिन हाल ही में परिवहन निदेशक ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आई कार्ड पर निशुल्क यात्रा नहीं देने का आदेश जारी कर दिया है। इस समय हरियाणा सरकार द्वारा लगभग 40 से अधिक वर्ग रोडवेज की बसों में निशुल्क या रियायती दर पर सफर कर रहे हैं। हरियाणा रोडवेज को आमजन मानस में लोकप्रिय बनाने तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में रोडवेज कर्मियों का विशेष योगदान रहा है। जिसकी वजह से हरियाणा रोडवेज को स्वर्ण पदक से नवाजा गया है। यह रोडवेज कर्मचारियों की अथक मेहनत का परिणाम है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश ग्रेवाल, जयवीर घणघस व डिपो प्रधान अनिल ने सेवानिवृत्त कर्मचारी विरोधी फरमान की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 42 श्रेणी को रोडवेज बसों में निशुल्क या रियायती दर पर यात्रा करने की सुविधा दी है। सरकार को इन फ्री से कोई परेशानी नहीं तो रोडवेज सेवानिवृत्त कर्मचारियों से भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उनकी मांग हैं कि सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारियों के पहचान पत्र पर प्रतिबंधित शब्दों को हटाया जाए। क्योंकि रोडवेज कर्मचारियों की 35 से 40 साल तक ईमानदारी से सेवा करके सरकार के खजाने को भरने का करते रहे हैं और जनता को सुरक्षित सेवा भी देते रहे हैं।