फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देखरेख के अभाव में बदहाल हुए शहर के सार्वजनिक शौचालय

विज्ञापन
नगर परिषद के शौचालय में पड़ी गंदगी। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
शहर को खुले में शौच मुक्त करने के लिए प्रशासन द्वारा समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। लोगों को घर-घर शौचालय बनवाने के लिए जागरूक भी किया जाता है। वहीं नगर परिषद द्वारा शहर को कागजों में ओडीएफ भी घोषित किया जा चुका है, लेकिन शहर के विभिन्न स्थानों पर बने सार्वजनिक शौचालय देखरेख के अभाव में बदहाल स्थिति में हैं।
विज्ञापन

शौचालयों के बाहर व अंदर फैली गंदगी के कारण लोग इनका प्रयोग करना दूर उनके पास भी जाने से कतराते हैं। शौचालयों की बदहाल स्थिति कहीं न कहीं स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर के नंबर काटने का काम किया है। इसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी शौचालयों की सुध नहीं ले रहे हैं। इस प्रकार लाखों खर्च कर शहर में बनाए गए शौचालय अनुपयोगी हो गए हैं।
बता दें कि सरकार की ओडीएफ योजना के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर 15-20 मोबाइल टायलेट रखवाए गए थे। टीबी अस्पताल व बहरोड रोड पर महिला कॉलेज के पास लाखों रुपये की राशि खर्च दो आधुनिक शौचालय बनवाए गए थे। इसके साथ महेंद्रगढ़ रोड पर आईटीआई के पास, रेस्ट हाउस के सामने, टीबी अस्पताल के पास भी पहले से शौचालय बने है, लेकिन शहर को जैसे ही ओडीएफ घोषित किया गया, अधिकारियों ने इनकी ओर ध्यान देना बंद कर दिया। ऐसे में शहर में बने इन सार्वजनिक शौचालयों की हालत बद से बदतर हो रही है। पानी की व्यवस्था व नियमित सफाई के अभाव में इनके अंदर गंदगी फैली पड़ी है।
विज्ञापन

टूटे पड़े दरवाजे, नल व टोंटी
शहर में बने सार्वजनिक शौचालयों की देखभाल की जिम्मेदारी नगर परिषद की है, लेकिन वर्तमान में शौचालय बदहाल हो गए हैं। कई शौचालयों के दरवाजे टूटे पड़े हैं तो कई शौचालयों में टोंटी ही नहीं है। किसी में पानी की व्यवस्था नहीं है तो किसी की टायलेट शीट व टाइल टूटी पड़ी है।
नगर परिषद में बने शौचालय में ही फैली गंदगी
नगर परिषद नारनौल में आमजन की सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय बनाया गया है, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने से इस शौचालय की हालत दयनीय बनी हुई है। जबकि उक्त शौचालय का प्रयोग प्रतिदिन आसपास के दुकानदार के साथ नगर परिषद में आने वाले सैकड़ों लोग करते हैं। इसमें आती दुर्गंध व फैली गंदगी के चलते अनेक लोग इसके पास जाते ही वापस मुड़ जाते है।
सफाई के अभाव में लोग नहीं कर रहे शौचालयों का उपयोग
खुले में शौच मुक्त करने के लिए शहर में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया था तो कई स्थानों पर मोबाइल शौचालय रखवाए गए थे लेकिन सफाई के अभाव में इन शौचालय की हालत काफी खराब हो गई है। इस कारण लोग इनका उपयोग न कर खुले में शौच कर रहे हैं। वहीं शौचालयों के दयनीय हालत के चलते सबसे अधिक परेशानी बाजार में खरीददारी आदि के लिए आने वाली महिलाओं को होती है क्योंकि एक तो शौचालयों में फैली गंदगी व दूसरी उनके दरवाजे न होना।
शौचालय की मरम्मत के लिए एस्टिमेट बना लिया गया है। जल्द ही इनकी मरम्मत करवाकर नियमित रूप से सफाई व देखभाल की जाएगी। - अंकित वशिष्ठ, एक्सईएन नगर परिषद, नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें