नारनौल। गांव मुंडियाखेड़ा में लचर सफाई व्यवस्था के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि चार माह पूर्व पंचायत को भंग करके प्रशासन ने सभी व्यवस्था अपने अधीन ली हुई है। गांव में गंदी नालियों की सफाई नहीं हो रही है जिसके चलते गंदे पानी में मक्खी-मच्छर पैदा हो रहे हैं। इतना ही नहीं दुर्गंध के के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीण रामकिशन, महिपाल, आकाश यादव, पूर्व सरपंच बनवारीलाल, मांगेराम, बहादुर सिंह, रामौतार, सुरेंद्र, अजीत, अंकित, जितेंद्र ने बताया कि गांव में एकमात्र पार्क है जिसमें लोग सैर के लिए आते हैं, मगर पार्क के सामने बने नाले की सफाई कई माह से नहीं की गई है। इसके चलते लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। सोमवार को ग्रामीण महिला शरबती, मुकेश, भगवानी, सुशीला आदि ने नाले की सफाई नहीं होने को लेकर आक्रोश व्यक्त करते हुए बीडीपीओ सिहमा व ग्राम सचिव के खिलाफ नारेबाजी की और जिला प्रशासन से गांव मुंडियाखेड़ा की सफाई व्यवस्था की सुध लेने की मांग की।
गौरतलब है कि गत 4 माह से गांवों की पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग है तथा सारी व्यवस्थाएं बीडीपीओ व ग्राम सचिवों के अधीन है। इस संबंध में मुंडियाखेड़ा के ग्राम सचिव रामनिवास ने बताया कि पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे होने के कारण सफाई व्यवस्था में ढिलाई रही। इसी सप्ताह गांव की सफाई व्यवस्था ठीक कर दी जाएगी तथा पार्क के सामने बने नाले की सफाई भी करवा दी जाएगी।