महेंद्रगढ़। वर्षों से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही महेंद्रगढ़ जिले की दौहान व कृष्णावती नदियों में इस बार अच्छी बारिश से पानी है। वहीं दूसरी ओर डार्क जोन में शामिल दोनों नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए नहर एवं सिंचाई विभाग की 65 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का काम अंतिम चरण में है।
वर्ष 1995 में अच्छी बारिश से इन नदियों में पानी था। इसके बाद विभाग की ओर से बरसाती सीजन में जिले के लिए जीवन रेखा कही जाने वाली जेएलएन नहर से भूमिगत पाइप लाइनों के सहारे इन नदियों में पानी पहुंचाया जा रहा है। इससे भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जगी है।
जिले में करीब 50 किलोमीटर दूरी में फैली कृष्णावती नदी राजस्थान के अरावली क्षेत्र से निकलती है और हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से होकर बहती है। साथ ही रेवाड़ी की सीमाओं में भी कई गांवों से गुजरती है। हमीदपुर और दोस्तपुर गांवों के पास हरियाणा में प्रवेश करती है और रेवाड़ी की साहिबी नदी में मिल जाती है।
नदी पांच दशकों से अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है लेकिन सिंचाई विभाग की परियोजनाओं से इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए करीब 31 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इनमें 17.50 करोड़ रुपये से भूमिगत पाइप लाइन दबाकर गांव भालखी व रातां क्षेत्र में जेएलएन से पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं सुरजनवास से मानपुरा तक 13.50 करोड़ रुपये भूमिगत पाइप लाइन दबाई गई है जिसका काम अंतिम चरण में है।
इंसेट
- दौहान में नियमित छोड़ा जा रहा है पानी:
महेंद्रगढ़ में बेरी जासावास से गांव जाट-भुरजट तक 32 किलोमीटर लंबी दौहान को पुनर्जीवित करने के लिए करीब 35 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से अधिकांश पूरी हो चुकी हैं। कुछ पर काम अंतिम चरण में चल रहा है। दो सालों से बरसाती सीजन में जेएलएन के माध्यम से मिलने वाले अतिरिक्त पानी को छोड़ा जा रहा है। इसके लिए 1.43 करोड़ रुपये से हंप रेगुलेटर आधारित पानी की परियोजना बनाई है जो पांच फुट तक नदी क्षेत्र भरने के बाद गांव जासावास,बेरी, कौथल खुर्द, डेरोली अहीर व देवास बांध में छोड़ा जाता है। वहीं गांव माजरा में 13 करोड़, व भगड़ाना में 12 करोड़ रुपये की लगात से पाथेड़ा जेएलएन क्षेत्र से भूमिगत पाइप लाइन दबाकर पानी पहुंचाया जा रहा है।
- वर्जन:
दौहान व कृष्णावतती नदी को पुनर्जीवित करने के लिए नहर एवं सिंचाई विभाग की ओर से करीब 65 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अंतिम चरण में काम चल रहा है। कुछ परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं। दो सालों से लगातार दौहान में पानी छोड़ने से 15 से अधिक गांवों में भूजल स्तर में काफी सुधार हुआ है। इस बार अच्छी बारिश से भी इन नदियों में पानी पहुंचा है। - अरुण यादव, उपमंडल अधिकारी, नहर एवं सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या:-51 गांव गांव देवास से गुजर रही दोहान नदी क्षेत्र में बनाया गया बांध---संवाद