नारनौल। हरियाणा के अंतिम छोर पर स्थित महेंद्रगढ़ नहर जल सेवा मंडल नारनौल के अधीन नारनौल डिस्ट्रीब्यूटरी के किलोमीटर 4.999 के दाहिनी तरफ से निजामपुर क्षेत्र के लिए निकली हसनपुर रजवाहे की क्षमता बढ़ाने का प्रोजेक्ट सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय को भेजा दिया गया है।
इस संबंध में अधीक्षक अभियंता राजेश कुमार खत्री ने बताया कि शुरुआत में हसनपुर रजवाहे की क्षमता 64.50 क्यूसेक थी जिसे वर्ष 2006 में नहर के दोनों किनारों पर 1.5 फीट ऊंचाई की दीवारें बनाकर इसकी क्षमता 114 क्यूसेक कर दी गई थी, लेकिन मिट्टी के दबाव एवं अन्य कारणों से नहर की क्षमता बढ़ाने के लिए बनाई गई दीवार कई जगह से गिर गई। इस कारण निजामपुर क्षेत्र में नहरी पानी की सप्लाई ठीक से नहीं हो पा रही थी। नांगल चौधरी विधायक डॉ. अभय सिंह यादव की विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विधायक ने बताया कि नारनौल एवं नांगल चौधरी क्षेत्र के अधिकांश क्षेत्र में अब नहरी पानी ले जाने की व्यवस्था है तथा बड़े पैमाने पर जल शक्ति अभियान के तहत बरसात की ऋतु में रिचार्जिंग का काम हो रहा है, परंतु हसनपुर डिस्ट्रीब्यूटर की टेल के क्षेत्रों में अभी इस तरह की व्यवस्था नहीं है जिसमें निजामपुर का अधिकांश क्षेत्र नहरी पानी से वंचित है।
उन्होंने विभाग को हसनपुर डिस्टीब्यूटरी की क्षमता बढ़ाकर निजामपुर क्षेत्र में बरसात के पानी से रिचार्ज की व्यवस्था करने को कहा। विभाग ने हसनपुर नहर की क्षमता बढ़ाने एवं पुनरोद्धार करने का प्रोजेक्ट सरकार को भेजा है। जिस पर लगभग 1200 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रोजेक्ट स्वीकृत हो जाता है तो हसनपुर नहर की क्षमता 120 क्यूसेक की हो जाएगी। इससे नहरी पानी की मांग पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि हसनपुर रजवाहा और इससे निकलने वाली दंचोली माइनर एवं हमीरपुर माइनर का भी पुनरोद्धार किया जाएगा। हसनपुर नहर पर 6 पंप हाउस और दंचोली माइनर पर दो पंप हाउस पड़ते हैं। जिसमें हसनपुर रजवाहा के पंप हाउस नंबर 2 व 3 पर अतिरिक्त खाड़ी (बे) का निर्माण करके पंप हाउस की पानी उठान व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। हसनपुर रजवाहा किलोमीटर से टेल तक की कंक्रीट लाइनिंग की जाएगी। इस प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद ना केवल नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचेगा बल्कि जल शक्ति अभियान के तहत बरसात के समय में जो फालतू पानी होता है उस पानी का भी विभिन्न जगहों पर दोहान नदी व अन्य बरसाती नालों में डालकर भूमिगत जल स्तर में सुधार करने का सार्थक प्रयास किया जाएगा।
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- हसनपुर प्रोजेक्ट से इन गांवों को होगा लाभ
हसनपुर नहर की क्षमता बढ़ाने का प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद नारनौल कस्बा, मंडलाना, गहली, हमींदपुर, मकसूसपुर, कुलताजपुर, थाना, कोरियावास, हसनपुर, कारोली, मारोली, दंचोली, धानोता ,घाटाशेर , छिलरो, निजामपुर, पैरा, नापला, नारेहडी, छापड़ा की ढाणी, टाटला की ढाणी, बामनवास व मौखुता आदि सैकड़ों गांव लाभान्वित होंगे।