फोटो नंबर-10पशु का उपचार करते चिकित्सक। स्रोत-विभाग
- फोटो : संवाद
नारनौल। क्षेत्र में प्रचंड ठंड के कारण बेसहारा और पालतू जानवरों में भी निमोनिया और वायरल इंफेक्शन बढ़ रहा है। पशु अस्पताल में प्रतिदिन 20 से ज्यादा कुत्तों का उपचार किया जा रहा है।
वहीं भैंस व गाय भी निमोनिया की चपेट में आ रही हैं। ऐसे में पशुपालक निजी पशु चिकित्सकों से उपचार करवाते हैं। इससे पशुपालक को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सक सहित तीन मोबाइल एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
मोबाइल एंबुलेंस सुविधा को पशुधन संजीवनी योजना नाम दिया गया है। इसके तहत उपचार प्राप्त करने के लिए पशुपालक को टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर नाम, गांव, बीमारी पशु के लक्षण की जानकारी दर्ज करवानी पड़ती है। जिसके बाद पशु चिकित्सक के साथ एंबुलेंस पशुपालक के घर पहुंचती है। एंबुलेंस में पैरामेडिकल स्टाफ और दवाएं भी होती है और यह उपचार निशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है।
वर्जन :
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के उपचार के लिए विभाग द्वारा चिकित्सक सहित तीन मोबाइल एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर निशुल्क सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। ठंड के दौरान इन दिनों पशुओं में निमोनिया और कुत्तों में वायरल इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। निमोनिया से ग्रसित पशुओं को ताजा चारा डालें, गुड खिलाएं और समय पर उपचार करवाएं।
डॉ. पवन यादव, पशु चिकित्सक, राजकीय पशु चिकित्सालय ,नारनौल।