गांव भौड़ी की ग्राम पंचायत की पट्टे पर छोड़ी गई भूमि पर किसी अन्य ने मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत पंजीकरण करवाकर बाजरे का सरकार द्वारा दिया गया भावांतर भरपाई योजना का पैसा ले लिया है। जिससे किसान इस योजना से वंचित रह गए हैं। अब किसान का रबी की फसल सरसों का भी पंजीकरण नहीं हो रहा है। पोर्टल पर सरसों का भी किसी अन्य ने पंजीकरण करवा लिया है।
निवर्तमान सरपंच दलीप सिंह ने बताया कि पंचायत की करीब 40 एकड़ कृषि योग्य भूमि का पट्टा बाजरे की फसल के लिए धर्मपाल, राजपाल, ब्रह्मप्रकाश, सजेंद्र, रामेश्वर, हरीसिंह, सतबीर व अमर सिंह को दिया गया था। इन्हीं किसानों ने पंचायती भूमि पर बाजरे की काश्त की थी, लेकिन जब ये किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाने के लिए गए तो किसी अन्य ने पंजीकरण करवाया हुआ था। जब इस संदर्भ में कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर उनकी सलाह पर पोर्टल पर ऑब्जेक्शन भी नहीं लगा। अब जब सरकार द्वारा बाजरे के किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत प्रति एकड़ 6 हजार रुपये की राशि भी जमीन पर काश्त नहीं करने वाले लोगों के पास चली गयी है।
किसानों ने बताया कि अब रबी की फसल सरसों का पंजीकरण करवाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर गये तो इसका भी पंजीकरण नहीं हो रहा है। सरपंच दलीप सिंह ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा की दो बार पोर्टल खोला गया है लेकिन बाजरे का ऑप्शन नहीं खुलने के कारण दिक्कत बनी हुई है। किसानों ने जिला उपायुक्त से गुहार लगाकर संबंधित विभाग को निर्देश देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस संबंध में खंड कृषि अधिकारी डॉ. रजनीश ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण राजस्व विभाग के पास जाता है। अगर किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत है तो संबधित तहसील में जाकर जमीन की फर्द व आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक पत्र लिखे। हमारे पास भी किसान आते है तो उनको हम राजस्व विभाग के पास प्रेषित करेंगे। वहीं सरपंच ने बताया कि जब हम राजस्व विभाग के पास जाते है तो वो कृषि विभाग के पास भेज देते है। इस प्रकार प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में बनाई गई भावांतर भरपाई योजना का लाभ असल किसानों को नहीं मिल पा रहा है।