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रात और दिन के तापमान में मात्र 3.3 डिग्री का अंतर, कड़ाके की ठंड जारी

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जिले में दो दिनों से जोरदार बारिश होने के बाद बुधवार को सुबह धुंध के साथ आसमान में बादल छाए रहे। जिससे लोगों को दिनभर सूर्यनारायण के दर्शन नहीं हुए। मंगलवार रात को भी बारिश होने से शहर में कीचड़ की स्थिति बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मौसम की करवट के साथ ही तापमान ने भी अपनी करवट बदली है। दो दिनों से बादलों की गर्मी के चलते न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी हो रही। बुधवार को न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम में बदलाव के चलते न्यूनतम व अधिकतम तापमान में केवल 3.3 डिग्री सेल्सियस का अंतर बना हुआ है।
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दो दिनों से हो रही बारिश से जहां किसान खुश नजर आ रहे है वहीं शहरों में रहने वाले लोगों परेशान दिखाई दे रहे है। बारिश होने से शहर में कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार रात को हुई बारिश से शहर में कई जगहों पर जलभराव हो गया वहीं मुख्य बाजार समेत सब्जी मंडी, पार्क गली, मोहिनी गली में कीचड़ होने से लोग दिनभर परेशान रहे। बारिश व शीत लहर के चलते बुधवार को बाजारों में भी रौनक कम दिखाई दी।
जलभराव से इन जगहों पर लोगों हुए परेशान
बारिश होने से जहां कड़ाके की ठंड से छुटकारा मिला वहीं शहर में जगह-जगह हुए जलभराव व कीचड़ से परेशानी उठानी पड़ी। दो दिन तक बारिश होने से मोहल्ला जमालपुर, सैन चौक, पार्क गली, मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, पुरानी कचहरी, नागरिक अस्पताल, पुलिस लाइन समेत अन्य जगहों पर लोगों को जलभराव से परेशानी उठानी पड़ी। शहर में थोड़ी सी बारिश से ही जगह-जगह जलभराव हो जाता है। वहीं नालियों की सफाई न होने के कारण गलियों में कीचड़ फैल जाता है। इससे नप की शहर में सफाई व्यवस्था की पोल खुल जाती है।
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तापमान में हुई बढ़ोतरी
बारिश के कारण कड़ाके की ठंड से लोगों ने राहत ली। बारिश होने से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है जबकि अधिकतम तापमान सामान्य बना हुआ है। न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री व अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। नववर्ष पर तापमान माइंस 0.5 डिग्री पर पहुंच गया था। मौसम विभाग की माने से बारिश का सिलसिला 6 जनवरी तक है, लेकिन अभी आसमान में बादल छाए हुए है, लेकिन 7 जनवरी के बाद मौसम साफ हो जाएगा। मौसम साफ होते ही धुंध रहने की संभावना है।
बंपर पैदावार होने का अनुमान
बारिश से जहां ठंड से राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे है क्योंकि जिन फसलों में सिंचाई नहीं हुई थी उन फसलों में लिए यह बारिश वरदान साबित होगी। नांगल चौधरी व निजामपुर व दोहान पच्चीसी क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था न होने के कारण यहां के किसान बारिश पर ही निर्भर रहते है। उप निदेशक कृषि डॉ. जसविंद्र सैनी ने बताया कि बारिश से सब्जी की फसलों पर जमा पाला धूल गया है, जिससे फसल बर्बाद होने से बच गई है। पाले के कारण सब्जी समेत अन्य फसलों पर भारी नुकसान होता है। इसके साथ ही सरसों, गेहूं व चना की फसल को भी बारिश से फायदा होगा।
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