हरियाणा के नारनौल में फर्जी कागजात तैयार करके पेंशन पानी वाली महिला और उसके पति के साथ नारनौल के जिला समाज कल्याण अधिकारी, लिपिक, सरपंच तथा सीएससी सेंटर इंचार्ज सहित सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। गांव खैरोली निवासी ज्ञानचंद ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को दी थी।
गांव खैरोली निवासी ज्ञानचंद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते रेवाड़ी को शिकायत दी थी कि रोशनी देवी निवासी खैरोली ताराचंद नामक व्यक्ति को अपना पुत्र दर्शाकर, उसका दसवीं कक्षा का फर्जी शिक्षा प्रमाण पत्र लगाकर वृद्धा अवस्था पेंशन ले रही है। इसमें समाज कल्याण विभाग की भी मिली भगत है।
शिकायत में यह भी बताया कि उसने समाज कल्याण विभाग से रोशनी देवी की वृद्धा अवस्था पेंशन जिन दस्तावेजों के आधार पर मंजूर की गई, उन दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की। विभाग की ओर से प्राप्त दस्तावेजों में रोशनी देवी ने ताराचंद पुत्र कृष्ण कुमार को अपना पुत्र दर्शाया हुआ है।
दस्तावेजों में ताराचंद का दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र लगाया हुआ है। शिक्षा प्रमाण पत्र में रोल नंबर 571050 तथा राजकीय माध्यमिक विद्यालय सेहलंग जिला महेंद्रगढ़ दिखाया हुआ था। शिक्षा प्रमाण पत्र में ताराचंद की जन्मतिथि 20 नवंबर 1976 दिखाई हुई है। रोशनी देवी ने स्वयं सत्यापित शपथ पत्र में ताराचंद को अपना पुत्र दिखाया हुआ है तथा जिसकी जन्मतिथि 20 नवंबर 1976 दिखाई गई है। इन्हीं दस्तावेजों आधार पर रोशनी देवी की वृद्धा अवस्था पेंशन जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा बनाई गई है।
शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते रेवाड़ी के निरीक्षक सूबे सिंह ने इस पूरे मामले की जांच की। जांच में रोशनी देवी, पति कृष्ण कुमार निवासी गांव खैरोली, तत्कालीन सरपंच ममता देवी, सीएससी सेंटर संचालक योगेश कुमार निवासी गांव राजपुरा, नरेंद्र कुमार गांव हमीदपुर, सतीश कुमार निवासी रामनगर कॉलोनी नारनौल (तत्कालीन लिपिक) समाज कल्याण विभाग नारनौल तथा समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा द्वारा धोखाधड़ी व षडयंत्र करके फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर रोशनी देवी की बुढ़ापा पेंशन बनाकर / स्वीकृत करके सरकार को वित्तीय हानि पहुंचाना पाया गया है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की ओर से निरीक्षक सूबे सिंह ने दी। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई आरंभ कर दी है।
स्कूल एवं हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में नहीं मिला रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते निरीक्षक सूबे सिंह ने शिकायत में बताया कि जांच के दौरान ताराचंद का उपरोक्त शिक्षा प्रमाण पत्र की सत्यता के लिए राजकीय माध्यमिक स्कूल सेहलंग के प्राचार्य से पत्राचार किया गया। प्राचार्य ने पत्राचार के माध्यम से बताया कि 1994 में ताराचंद पुत्र कृष्ण कुमार (रोल नं. 571050) का नियमित छात्र नहीं रहा। इसके बाद उन्होंने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सके सचिव से पत्राचार के माध्यम से इसके बारे में जानकारी ली तो उन्होंने भी यह बताया कि ताराचंद पुत्र कृष्ण कुमार उक्त रोल नंबर एवं नाम का कोई गजट जारी नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान ताराचंद का दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र फर्जी पाया। जांच में रोशनी देवी के ताराचंद नाम का कोई पुत्र भी नहीं मिला। रोशनी देवी के पुत्र का नाम मुकेश (19/20 वर्ष) है।
आवेदन पत्र में दिखाई गलत जन्म तिथि
निरीक्षक ने शिकायत में बताया कि जांच के दौरान समाज कल्याण विभाग नारनौल से प्राप्त वृद्धा अवस्था सम्मान भत्ता के लिए आवेदन पत्र रोशनी देवी ने अपनी जन्मतिथि 1 जनवरी 1953 ( 60 वर्ष ) दर्शाकर अपने हिंदी में हस्ताक्षर किए हुए हैं जिसको तत्कालीन सरपंच ग्राम पंचायत खैरोली ममता देवी द्वारा तसदीक किया हुआ है। जबकि जांच में रोशनी देवी ने स्वयं को अनपढ़ बताया है। रोशनी देवी ने वृद्धा अवस्था पेंशन में प्रस्तुत किया गया राशन कार्ड में पुत्र का नाम मुकेश आयु 15 वर्ष दर्शाई हुआ। इस राशन कार्ड में ताराचंद नाम का कोई व्यक्ति नहीं है ।
सीएससी से किया था ऑनलाइन आवेदन
निरीक्षक सूबे सिंह ने बताया कि रोशनी देवी की वृद्धा अवस्था पेंशन का आवेदन सीएससी आईडी नंबर 637574310010 से ऑनलाइन अपलोड किया था। जिसका संचालक योगेश कुमार निवासी गांव राजपुरा थाना अटेली जिला महेंद्रगढ़ है। योगेश ने सीएससी सेंटर का पासवर्ड अपने जानकार नरेंद्र निवासी गांव हमीदपुर को बताया हुआ है। रोशनी देवी का वृद्धा अवस्था का ऑनलाइन आवेदन नरेंद्र द्वारा किया गया है।
अब तक 44750 रुपये ले चुकी हैं पेंशन
निरीक्षक सूबे सिंह ने बताया कि रोशनी देवी का गांव नांगल सिरोही में सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में खाता है। वह 15 जून 2020 से 2 जनवरी 2022 तक 44750 रुपये वृद्धा अवस्था पेंशन के रूप में ले चुकी है।