नारनौल। नसीबपुर में छह वर्षों से शहीद स्मारक का काम लंबित रहने पर लोक संपर्क विभाग के एससीएस ने रिपोर्ट मांगी है। उपायुक्त ने जन संपर्क अधिकारी एवं नगर परिषद के अधिकारियों को रिपोर्ट दो दिन में भेजने का निर्देश दिया है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को कारगिल विजय दिवस पर प्रमुखता से उठाया था। उसके बाद सरकार एवं प्रशासन हरकत में आया है।
अहीरवाल वीरों की भूमि रही है। इस भूमि के चीन युद्ध से लेकर अब तक सभी 186 वीर देश के लिए शहादत दे चुके हैं। नवंबर 2016 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नसीबपुर में शहीद स्मारक बनाए जाने की घोषणा की थी। पहले यह प्रोजेक्ट बनाए जाने के लिए पर्यटन विभाग को दिया गया था लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद पर्यटन विभाग की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद फरवरी में इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लोक संपर्क विभाग को सौंप दी गई थी। फरवरी से लेकर अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा के घोषणा करने के बाद भी जमीन तक ट्रांसफर नहीं हो पाई थी। यह मुद्दा अमर उजाला ने सोमवार के र्माइ सिटी के प्रथम पेज पर टॉप बाक्स में प्राथमिकता से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद लोक संपर्क के उच्चाधिकारी हरकत में आए हैं। अब उन्होंने जिला उपायुक्त से इस प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति में रिपोर्ट मांगी है। उपायुक्त ने लोक संपर्क विभाग के अधिकारी एवं नगर परिषद अधिकारियों को दो दिन में रिपोर्ट दिए जाने के आदेश जारी किए हैं।