नारनौल। हरियाणा सरकार की ओर से लागू ग्रामीण पेयजल आपूर्ति प्रणाली संचालन व रखरखाव नीति 2026 के तहत पेयजल व्यवस्था अब ग्राम पंचायतें संभालेंगी। नई व्यवस्था से जलापूर्ति बेहतर होगी और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।
ग्राम पंचायत, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बीच एक एमओयू साइन किया जाएगा। इसमें पंचायत प्रथम पक्ष, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति द्वितीय पक्ष और विभाग तृतीय पक्ष की भूमिका निभाएगा। वर्ष 2026-27 में यह योजना पहले एकल ग्राम योजनाओं में लागू की जाएगी जबकि 2027-28 में बहु ग्राम योजनाओं में विस्तार होगा।
इस योजना के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का खाता इंडियन बैंक में खोला जाएगा। उपभोक्ताओं से प्राप्त शुल्क पंचायत के खाते में जमा होगा। जितनी राशि पंचायत एकत्रित करेगी, उतनी ही राशि सरकार प्रदान करेगी। मरम्मत कार्यों के लिए संभावित खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व, दान और अन्य स्रोतों से मिलने वाली राशि भी समिति के माध्यम से जल योजनाओं पर खर्च की जाएगी। सभी भुगतान बैंक खाते के माध्यम से होंगे, जबकि छोटे खर्च जैसे मजदूरी का भुगतान नकद किया जा सकेगा।
जलापूर्ति योजनाओं के संचालन के लिए बिजली बिल का भुगतान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करेगा। तकनीकी सहायता भी विभाग उपलब्ध कराएगा। ग्राम पंचायतों को प्रशिक्षण देने का कार्य जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की टीम करेगी। अनुदान राशि त्रैमासिक आधार पर समितियों के खातों में भेजी जाएगी।
योजना में यह पंचायतें होंगी शामिल
हरियाणा की 4848 ग्राम पंचायतें एकल ग्राम योजना में शामिल हैं। महेंद्रगढ़ जिले की ग्राम पंचायत नांगल, नीरपुर राजपूत, पृथ्वीपुरा, बागोत, नौताना, पाथेड़ा, पोता, सेहलंग, स्याणा, सिगड़ा, सिहोर, बसई, दुलोठ अहीर, गुलावला, खैरोली, खरकड़ा, नांगल सिरोही, पाली, रिवासा, सिसोठ, बास किरारोद उमराबाद, हाजीपुर, जैलाफ, जाखनी, कांवी, कोजिंदा, लहरोदा, महरमपुर, नांगतिहाड़ी, निवाजनगर, नुनी अव्वल, सिलारपुर मेहता, आजम नगर, छापड़ा सलीमपुर, दौंगड़ अहीर, दौंगड़ा जाट, फैजाबाद, मुंडिया खेडा ग्राम पंचायतों को इस वर्ष एकल ग्राम योजना के तहत पेयजल व्यवस्था सौंपने का कार्य किया जाएगा। वहीं नांगल चौधरी, सतनाली और निजामपुर खंड की पंचायतों को वर्ष 2027 से बहु ग्राम योजना के तहत जोड़ा जाएगा।
जल जीवन मिशन 2.0 को मिलेगा बढ़ावा
यह पूरी पहल जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
वर्जन
जिले की 45 ग्राम पंचायतों को पेयजल व्यवस्था का जिम्मा सौंपा जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बीच एक एमओयू साइन किया जाएगा।-मंगतू राम सरसवा, जिला सलाहकार जनस्वास्थ्य विभाग नारनौल।