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सार्वजनिक स्थानों पर नहीं दिखा नो मास्क, नो सर्विस के आदेशों का पालन

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लघु सचिवालय में लोगों को मास्क लगाकर एंट्री देता कर्मचारी। संवाद - फोटो : Narnol
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एक बार फिर बढ़ते कोरोना संक्रमण को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले में नो मास्क-नो सर्विस, नो टीकाकरण-नो एंट्री का नियम लागू तो हो गया लेकिन प्रशासन की ओर से इस नियमों पर सख्ती नहीं बरती जा रही।
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सोमवार को विभिन्न कार्यालयों की पड़ताल करने पर एकआध स्थान को छोड़कर बाकी सार्वजनिक स्थलों पर इस नियम का पालन नहीं होते दिखाई दिया। नारनौल लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर मास्क और टीकाकरण प्रमाणपत्र की जांच की जा रही थी, पर प्रमाणपत्र देखने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही थी। कुछ लोगों को छोड़कर किसी के पास टीकाकरण का प्रमाण पत्र नहीं था, लेकिन उनको कार्यालय के अंदर जाने दिया जा रहा था। जबकि पीछे के दोनों गेट पर कोई जांच करने वाला नहीं था ऐसा ही हाल नागरिक अस्पताल में देखा गया। यहां पर केवल मास्क चेक किया जा रहा था, जबकि टीकाकरण के नाम पर औपचारिकता की जा रही थी। बाजारों में भी टोकने वाला नहीं था। बाजार में आने वाले 50 प्रतिशत लोग बिना मास्क के नजर आ रहे थे। महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय में तो इससे भी ज्यादा लापरवाही देखने के लिए मिली। यहां पर तो प्रवेश द्वार पर कोई कर्मचारी नहीं था। बिना मास्क और टीकाकरण प्रमाणपत्र वालों को रोकने वाले कोई नहीं था।
100 फीसद टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने और कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने एक जनवरी से बिना मास्क व टीकाकरण वालों के सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। आदेश एक जनवरी से प्रभावी है। उपायुक्त अजय कुमार ने भी सभी कार्यालयों में इसे सख्ती से लागू करने के आदेश जारी किए थे। दुकानदारों से बिना मास्क वाले ग्राहकों को सामान नहीं देने की अपील की थी। पर आदेशों का एकाध स्थान को छोड़ दिया जाय तो कहीं पर भी पालन नहीं किया गया। बाजारों में लोग बड़ी संख्या में खरीदारी करते नजर आए। कुछ जागरूक लोग ही नजर आए जो मास्क लगाए हुए थे। बाजार में कहीं भी प्रशासन की ओर से टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिखाने के लिए पूछने का कार्य करते हुए नहीं पाया गया।
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नारनौल के सरकारी कार्यालयों में बिना मास्क बैठे थे कर्मचारी
लघु सचिवालय नारनौल की पड़ताल में कार्यालयों के अंदर काम कर रहे कर्मचारी ही बिना मास्क करते हुए काम करते हुए देखे गए। कुछ कर्मचारियों ने मास्क को ठोढ़ी पर लगाया हुआ था। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रवाचक उप पुलिस अधीक्षक कमरे में, ईओ, लेखाकार कक्ष में बैठे पुलिस कर्मचारियों ने भी मास्क नहीं लगाया था। इसके अलावा रूम नंबर 313 में भी कर्मचारी बिना मास्क बैठे हुए देखे गए। यही हाल महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय का रहा। यहां भी लोग दिनभर बिना मास्क व टीकाकरण प्रमाणपत्र के अपने कार्यों में मस्त रहे। यहां अधिवक्ताओं से लेकर आम आदमी के चेहरे से मास्क गायब था। टीकाकरण की जांच के लिए सचिवालय के मुख्य द्वार पर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। बिना रोक-टोक के आवागमन होता रहा।
नागरिक अस्पताल में कोई जांच नहीं महेंद्रगढ़ में सिर्फ मास्क के लिए टोका
नागरिक अस्पताल नारनौल की बात करें तो यहां पर ओपीडी के मुख्य गेट पर एक आदमी खड़ा किया गया था। मगर वह किसी को टोक नहीं रहा था। लोग बेरोकटोक आ-जा रहे थे। उनसे किसी से भी टीकाकरण माणपत्र नहीं मांगा। अस्पताल प्रबंधन ने इमरजेंसी में भी कोई सुरक्षाकर्मी नहीं नियुक्त किया था। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं हो रहा था। बात महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल की करें तो यहां भी महज मास्क की जांच क जा रही थी। मुख्य द्वार पर तैनात कर्मचारियों ने सिर्फ मास्क के लिए लोगों को रोका। टीकाकरण की जांच नहीं की ।
महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर चेतावनी देकर छोड़ा
महेंद्रगढ़ के बस स्टैंड पर महज घोषणा तक जांच सिमट कर रह गई। किसी भी यात्री से टीकाकरण प्रमाणपत्र की मांग नहीं की गई। दोनों मुख्य गेटों पर तैनात कर्मचारियों ने कोई जांच नहीं की, जिसके कारण दिनभर लोग भी आवागमन करते रहे। बस स्टैंड की पुलिस कर्मचारियों ने मास्क न लगाने वाले लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
बाजारों में नहीं रही सख्ती
शहर के मुख्य बाजारों में आम दिनों की तरह लोगों की भीड़ रही। पुलिस प्रशासन की ओर से न ही मुख्य चौक चौराहों पर कोई व्यवस्था की गई न ही कहीं जुर्माने के लिए कोई कार्रवाई अमल में लाई गई। शहर की सब्जी मंडी में भी दिनभर लोग बिना किसी रोकटोक के आवागमन करते रहे।
महेंद्रगढ़ तहसील कार्यालय में बिना मास्क नहीं मिला प्रवेश
महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में एक कर्मचारी की तैनाती जांच के लिए की गई थी। यहां आने वाले लोगों के टीकाकरण प्रमाणपत्र और मास्क की जांच के उपरांत ही प्रवेश दिया गया। बिना मास्क वालों को वापस भेज दिया गया।
सब्जी मंडी में बिना मास्क उमड़ी भीड़
महेंद्रगढ़ शहर की सब्जी मंडी में खरीदारी करने आए अधिकांश लोगों के चेहरे से मास्क गायब था। दुकानदारों ने भी सरकारी आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाते हुए बिना मास्क के दिनभर सब्जी बेचते हुए दिखाई दिए। यहां भी कोई रोकटोक करने वाला नहीं पहुंचा।
बहुत से लोगों को प्रमाणपत्र डाउनलोड करने की नहीं जानकारी
बहुत से लोगों को टीकाकरण प्रमाणपत्र डाउनलोड करने की जानकारी नहीं है। इस वजह से उनको कोविन प्रमाणपत्र को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। खासतौर पर उन बुजुर्गों और अधेड़ों को जिनको मोबाइल की तकनीक के बारे में खास जानकारी नहीं है। इसके अलावा छोटे मोबाइल रखने वाले लोगों को इस प्रकार की दिक्कतें आ रही हैं।
आरोग्य सेतु एप से कैसे डाउनलोड करें टीकाकरण प्रमाणपत्र
सबसे पहले आरोग्य सेतु एप का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड करें।
इसके बाद एप को ओपन करें। यहां दिए गए कोविन पर टैप करें।
इसके बाद टीकाकरण प्रमाणपत्र विकल्प पर टैप करें।
फिर कुछ जानकारी मांगी जाएगी। बेनिफिशियरी रेफरेंस आईडी डालें। इसके बाद गेट प्रमाणपत्र के बटन पर टैप करें। बेनिफिशियरी रेफरेंस आईडी आपको टीकाकरण के समय उपलब्ध कराई जाएगी।
व्हाट्सअप नंबर पर से भी डाउनलोड कर सकते हैं टीकाकरण प्रमाणपत्र
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 9013151515 मोबाइल नंबर जारी किया हुआ है। इस नंबर पर व्हाट्सएप संदेश भेजकर टीकाकरण प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा कोविड जांच रिपोर्ट भी उसे मिल जाएगी। टीकाकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए सबसे पहले व्हाट्सएप नंबर को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल में सेव करना होगा। इसके बाद नंबर पर प्रमाणपत्र लिखकर भेजना होगा। पंजीकृत मोबाइल पर वन टाइम पासवार्ड (ओटीपी) आएगा। जिसे दर्ज करने के बाद मांगी गयी जानकारी या कोविड टीकाकरण का प्रमाणपत्र आपकी स्क्रीन पर होगा। एक मोबाइल नंबर से अगर एक से अधिक लोगों ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराया है तो उसकी भी सुविधा है कि आपसे पूछा जाएगा कि किसका प्रमाणपत्र चाहिए, उस व्यक्ति का केवल क्रम संख्या देना है।
सभी कार्यालयों के अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वो अपने कार्यालय के बाहर एक सुरक्षाकर्मी अवश्य खड़ा करें और मास्क एवं टीकाकरण प्रमाणपत्र चेक करें। केवल उसी व्यक्ति को कार्यालय में प्रवेश करने दिया जाएगा जिसने टीके की दोनों डोज लगवा ली है। जिसने एक डोज लगवाई है और दूसरी लगवाने का समय बचा है तो उसे रियायत दी जाएगी। -अजय कुमार, उपायुक्त।

नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन । संवाद- फोटो : Narnol

नागरिक अस्पताल के मुख्य गेट पर स्वास्थ्यकर्मी को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाता बुजुर्ग। संवाद- फोटो : Narnol

नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी से उलझता बुजुर्ग । संवाद- फोटो : Narnol

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