चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त होने से आमजन ने थोड़ी राहत की सांस ली है, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी अभी भी अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे शनिवार को भी प्रसूति वार्ड, एंबुलेंस कंट्रोल रूम, नवजात शिशु नर्सरी, एनआरसी, वरिष्ठ नागरिक ओपीडी, डीईआईसी, आयुष विंग, सिविल सर्जन कार्यालय की एनएचएम शाखा का कार्य बाधित रहा। एंबुलेंस कंट्रोल रूम के 27 चालक भी हड़ताल पर है। दो दिन से हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत लगे 49 चालकों के सहारे ही एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।
शनिवार को एनएचएम कर्मचारी प्रात 9 बजे नागरिक अस्पताल नारनौल में एकत्रित हुए। इस दौरान जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र की अध्यक्षता में धरना दिया गया। उन्होंने बताया कि हड़ताल में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत सभी 580 एनएचएम कर्मचारियों ने भाग लिया। संघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य हरकेश ने बताया कि 19 जुलाई स्वास्थ्य विभाग के एसीएस द्वारा सभी मांगो पर सहमति तो जताई गई, परंतु उनको पूर्ण करने की कोई समय सीमा नही बताई गई। इसके विरोध स्वरूप दोनों संगठनों ने एनएचएम कर्मचारी साझा मोर्चा हरियाणा का गठन करते हुए सामूहिक आंदोलन का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि बैठक में मिशन निदेशक की ओर से एनएचएम कर्मचारियों को रेगुलाइजेशन पाॅलिसी में शामिल करवाने की मौखिक तौर सहमति जताई गई, परंतु लिखित में देने से मना कर दिया गया। इस पर प्रतिनिधि मंडल द्वारा आपत्ति दर्ज की गई। धरने में सर्वकर्मचारी संघ के राज्य सचिव महेंद्र बोयत तथा जिला प्रधान कौशल कुमार ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कर्मचारियों को संबोधित किया। एनएचएम कर्मचारियों की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए सरकार से तुरंत कर्मचारियों की मांगों को पूर्ण करने की मांग की गई।
धरने को जिला मंत्री विनोद राव, जिला संयोजक संदीप यादव, डाॅ. जिले सिंह, अशोक प्रधान, संदीप सीएचओ, नितिन सीएचओ, संजय सीएचओ, लोकेश सीएचओ, डाॅ. सुचिता अरोड़ा, डाॅ. सोनिया, कमलेश, सुशीला देवी, रेणू, सरजीत सिवाच, रविंद्र यादव, संतोष देवी, डाॅ. दीपक कौशिक, डाॅ. नितेश, नितेश बंसल, टीका बहादूर, लोकेश शर्मा, उमेश कश्यप, गौरव कक्कड़, प्रेम प्रकाश, संजय सैनी, हेमंत यादव, कंवरपाल आदि ने भी संबोधित किया।