सावन माह में उल्लास के साथ शहर के बाजार में घेवर और फैनी (फिरनी) की की मिठास घुल गई है। बाजार में विभिन्न प्रकार की वैरायटी के घेवर तैयार किए जा रहे हैं। इस बार 200 से 600 रुपये प्रति किलो के हिसाब से घेवर मिल रहा है। फैनी का भाव 280 रुपये प्रति किलो है।
घेवर विक्रेता ने बताया कि घी, मैदा और दूध से बनने वाली यह मिठाई अपने आप में एक अनूठा स्वाद रखती है। सावन आरंभ होते ही घेवर और फैनी तैयार होना शुरू हो जाता है। बाजार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव तक घेवर की खूब बिक्री होती है। वैसे सावन के महीने में सबसे ज्यादा चलने वाला घेवर अब तो 12 महीने ही मिलता है। सावन में कोथली, सिंधारा व तीज पर घेवर व फैनी का कारोबार बहुत अच्छा होता है। सावन में घेवर व फैनी की मिठाई तीज से एक दिन पहले मनाए जाने वाले सिंधारा पर नवविवाहिता व जिन युवतियों के रिश्ते पक्के हो जाते हैं, उनके ससुराल से शगुन के तौर पर दिए जाते हैं। यह मिठाई इस त्योहार पर बहन- बेटियों के यहां भी दी जाती है।
दूर-दूर तक फैली नारनौल के घेवर की मिठास:
नारनौल शहर की वैसे तो हर मिठाई का स्वाद लाजवाब होता है। इन दिनों शहर के मानक चौक हलवाई बाजार सहित अन्य बाजारों में भी घेवर बनाने का कार्य जोरों पर चल रहा है। नारनौल से घेवर राजस्थान के सिंघाना, बहरोड, कोटपूतली सहित गुरुग्राम तक भेजा जाता है। शहर के बाजार में सावन महीने में जहां सड़कों पर अनेक अस्थायी दुकानें लगी हैं, वहीं शहर के मशहूर हलवाइयों की दुकानों पर ऑर्डर देकर घेवर तैयार करवाया जा रहा है।