फोटो संख्या:68- गांव पाल में श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करती महिलाएं--स्रोत--आयोजक
महेंद्रगढ़। गांव पाल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्म की लीला की कथा सुनाई गई। कथा के दौरान मुख्य यजमान सोनू यादव, तोताराम, राजेंद्र, बाबुलाल व सरपंच धूड़ सिंह, नेतराम हवलदार शामिल रहे।
कथावाचक कुलदीप शास्त्री ने बताया कि नंद उत्सव के पश्चात भी बधाइयां देने का हर्ष उल्लास बना रहा। तब कंस के द्वारा पूतना नाम की राक्षसी अपने स्तनों में जहर लगाकर भगवान कृष्ण को मारने आई। उसे देखकर भगवान ने नेत्र बंद कर लिए पूतना भगवान को उठाकर आकाश मार्ग ले गई। भगवान ने दूध के साथ पूतना के प्राणों को भी पी लिया और उसका उद्धार कर दिया। उन्होंने बताया कि भगवान ने अघासुर, बकासुर, धेनुकासुर, केसी आदि कई राक्षसों का उद्धार किया। भगवान श्री कृष्ण ने सुंदर माखन चोरी लीला की, चीर हरण लीला के अंतर्गत प्रभु ने समझाया कि जलाशय में कभी निर्वस्त्र होकर स्नान न करें ऐसा करने से जल के देवता वरुण देव का अपमान होता है। यमुना को कालिया नाग के प्रदूषण से मुक्त कराया और यमुना जल को स्वच्छ किया। उन्होंने बताया मंगलवार को श्रीकृष्ण- रूकमणी विवाह, कंस उद्धार, श्रीकृष्ण का गुरूकुल में जाने की कथा सुनाई जाएगी। इस मौके पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।