नारनौल क्षेत्र में अलसुबह कोहरे के साथ ओस की फुहार बरस रही थी। जिसकी वजह से सुबह खुले स्थान, सड़कें, खेत खलिहान व घरों की छत भीगी नजर आई। राहगीरों के चेहरे पर ओस की बूंदें फुहार की तरह पड़ रही थी। वहीं, मंगलवार दोपहर तक बादलवाही होने से सूर्य देव ने भी दर्शन नहीं दिए है। बता दें कि क्षेत्र में कोहरा, कोल्ड डे व ठंडी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि पिछले काफी दिनों से संपूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में ठंड अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए हैं। वर्तमान परिदृश्य में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक प्रेरित चक्रवातीय सर्कुलेशन पूर्वी राजस्थान उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर बनने से इस संपूर्ण इलाके में मंगलवार अलसुबह से हल्की बारिश और बूंदाबांदी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया है।
मौसम प्रणाली का हरियाणा एनसीआर दिल्ली में केवल होडल, मेवात पलवल जिलों में छिटपुट बूंदा-बांदी की गतिविधियों को दर्ज किया गया जबकि दक्षिणी जिलों में लगातार नमी की मात्रा में बढ़ोतरी होने से कोहरे के घनत्व में फिर से बढ़ोतरी हुई है। जिसकी वजह से वातावरण के ऊपरी और निचले स्तर पर कोहरा अपने रंग दिखा रहा है।
हरियाणा एनसीआर दिल्ली में सबसे ठंडी रही नारनौल की रात
मंगलवार को संपूर्ण हरियाणा एनसीआर दिल्ली में नारनौल की रात सबसे ठंडी रही। आज नारनौल में 6.0 व महेंद्रगढ़ में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जो सामान्य तापमान से 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। इसके साथ संपूर्ण इलाके में दोपहर बाद तक संघन कोहरे की सफेद चादर की वजह से सूर्य के दर्शन नहीं हुए।
दिन व रात के तापमान में नहीं ज्यादा अंतर
नारनौल और महेंद्रगढ़ में दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं है। जिसकी वजह से आमजन को हाड़ कंपा देने वाली ठंड और ठिठुरने से राहत नहीं मिल रही है। बुधवार को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ संपूर्ण इलाके से आगे निकल जाएगा, जिसकी वजह से एक बार फिर हवाएं उत्तरी बर्फीली चलने लगेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में कड़ाके की हाड़ कंपा देने वाली ठंड से अभी राहत मिलने के आसार नहीं है।