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तीसरे दिन डेढ़ करोड़ रुपये का गबन हुआ उजागर

Fri, 11 Nov 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। नगर के राव तुलाराम चौक पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में तीसरे दिन भी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का गबन उजागर हुआ है। तीसरे दिन भी बैंक के उपभोक्ता अपनी खाते की राशि जांच करने आए जिनमें से कुछ खाते फर्जी निकले तो कुछ खातों में से रुपये गायब मिले। बृहस्पतिवार को भी लगभग 15 उपभोक्ता अपने खातों की जांच की तथा पीड़ितों ने बैंक मैनेजर को अपनी लिखित शिकायत दी है। बैंक की माने तो जल्द ही दिल्ली से टीम आकर उक्त मामले की गंभीरता से जांच करेगी। बैंक का हार्ड केशियर आरोपी राजबीर सिंह अभी भी फरार है। तीन दिन बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
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       गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से राव तुलाराम चौक पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला बैंक गबन के कारण सुर्खियों में है। बैंक का हार्ड कैशयिर राजबीर सिंह  बैंक को करोड़ों रुपये की चपत लगाकर फरार हो गया। कैशियर ने बहुत से लोगों के फर्जी खाते बना दिए तो बहुत की फर्जी एफडी बना दी जिनके रुपये खातों से ही गायब कर दिए। बैंक में पहले दिन 4.86 करोड़ रुपये, दूसरे दिन लगभग 3 करोड़ तथा तीसरे दिन लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का गबन सामने आया है। यानी तीन दिनों में लगभग 9 लाख रुपये गबन उजागर हो चुका है।  हालांकि बैंक का मानना है कि अभी सही आकलन नहीं हो पाया है। जब तक सही आकंलन नहीं हो जाता तब तक गबन की राशि के बारे में कुछ नहीं बताया जा सकता।
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5 में से 3 खाते फर्जी
बृहस्पतिवार को अपने खाते की जांच करने आए उपभोक्ताओं में एक परिवार के पांच खातों में से तीन खाते फर्जी पाए गए। बैंक में ऑन रिकार्ड उनके खाते ही नहीं दिखाए गए। राजेश पुत्र छोटेलाल तथा प्रदीप पुत्र छोटे लाल के खाते सही पाए गए है लेकिन उनके खाते से 2.40लाख तथा 2.35 लाख रुपये की राशि गायब मिली है। इसके अलावा ललित पुत्र प्रभाती, माडूराम पुत्र प्रभाती, तथा संतरा पत्नी प्रभाती के खाते फर्जी पाए गए हैं। ललित के खाते में 3.45 लाख  रुपये, माडूराम के खाते में 10.50 लाख रुपये तथा संतरा के खाते में लगभग 6 लाख रुपये डाले हुए थे।
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मैंने अपने खाते में 2.33 लाख रुपये जमा करवाए थे। बैंक के गबन का समाचार पढ़कर बृहस्पतिवार को अपना खाता चैक करने आया था तो उसके खाते में मात्र 16 हजार रुपये की राशि बताई जा रही है। बाकी की राशि खाते से गायब है। -अशोक खायरा

हमने पटियाला बैंक में तीन खाते खुलवा रखे हैं। एक स्वयं के नाम दो खाते उसके बच्चों के नाम हैं। तीनों ही खातों के मिलाकर लगभग 10 लाख रुपये की राशि बैंक में जमा करवाई गई  थी। लेकिन उनके तीनों ही खातों से रुपये गायब हैं। -अनोखी देवी।

मैंने जमीन बेचकर 79 लाख रुपये बैंक में जमा करवाए थे बीच में अन्य स्थान पर जमीन खरीदने के लिए 45 लाख रुपये निकलवा लिए थे। इसके बाद और रुपये भी बीच में उसने निकलवा लिए थे। उसके खाते में 5 लाख रुपये के करीब बचे होने थे लेकिन अब वो जब बैंक में आया तो पता लगा उसका खाता ही फर्जी है। -नरेंद्र खायरा

मैंने जमीन बेचकर बैंक में 61 लाख रुपये जमा करवाए थे जिनमें से 55 लाख स्वयं के खाते में तथा 5 लाख रुपये पिता पृथ्वी सिंह के खाते में जमा करवाए थे। उनके खाते में 33 लाख रुपये शेष होने चाहिए थे लेकिन बैंक में पता चला कि उनका खाता ही नहीं है। -मुकेश कुमार  आदलपुर

खाते की जांच के लिए लगभग 15 लोग आए हैं। अभी गबन की राशि का सही आंकलन नहीं किया जा सकता। बहुत से लोग अपने खाते की राशि ही भूले हुए हैं । उन्होंने कितनी जमा करवाई थी और कितनी निकलवा चुके। बैंक कार्रवाई में जुटा हुआ है। -मेनेजर जितेंद्र कुमार
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