नारनौल। देवउठनी एकादशी के साथ ही करीब चार महीने के बाद फिर से विवाह शादियों का दौर शुरू हो जाएगा तथा शहनाइयां बजने लगेंगी। 11 नवंबर से भगवान विष्णु देवउठनी एकादशी पर लंबी निद्रा के बाद जागेंगे। इसी दिन सभी कुलाधिदेव, नवग्रह भी सक्रिय हो जाऐंगे। मंदिरों में घंटी बजाकर भगवान विष्णु को जगाया जाएगा तथा इसी के साथ ही विवाह शादियां और अन्य दूसरे शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
आचार्य क्रांति निर्मल के अनुसार हिंदू परंपरा अनुसार देवउठनी एकादशी से विशेष मुहूर्त और संयोग शुरू हो जाएगा। लंबे समय से मुहूर्त का इंतजार कर रहे लोगों को अब इंतजार नहीं करना होगा। मांगलिक कार्यों के लिए विशेष शुभ माना जाता है कि देव विवाह के बाद विवाह मांगलिक कार्य जैसे गृह प्रवेश, वैवाहिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। इस दिन कोई भी मंगल कार्य किया जा सकता है। इस दिन कोई भी व्यापार शुरू करना हो या कोई वाहन लेना हो या विवाह सगाई आदि सभी मंगल कार्य शुभ माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 14 शुभ विवाह मुहूर्त शेष बचे हुए हैं, जबकि अगले वर्ष शादी के खूब शुभ मुहूर्त हैं। इस वर्ष 15 नवंबर से 13 दिसंबर तक ही शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद 2017 में काफी शादी के मुहूर्त हैं।
वहीं देवदत्त शास्त्री के अनुसार 10 नवंबर को दोपहर 11 बजकर 22 मिनट से एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी और 11 नवंबर को सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन शादी के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त है।