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मोस्ट वांटेड बदमाश प्रदीप उर्फ अन्ना ने लॉकडाउन में बनाई थी गैंग,साथी समेत पांच दिन की रिमांड पर

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फोटो नंबर 14--- बदमाश प्रदीप उर्फ अन्ना व अन्य। - फोटो : Narnol
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बीजेपी नेता और कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मामले के मुख्य आरोपी प्रदीप उर्फ अन्ना और उसके साथी को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से पुलिस ने दोनों आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। नारनौल पुलिस का मोस्ट वांटेड बदमाश प्रदीप व उसके साथी ने मंगलवार की देर शाम सीआईए में सरेंडर कर दिया था।
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पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि 27 व 28 अगस्त शहर में दो रंगदारी मांगने के मामले सामने आए थे। इसमें बदमाशों ने एक कारोबारी से पहले रंगदारी मांगी थी। इसके बाद बीजेपी नेता के बेटे पर में गोली मारकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। लगातार दो वारदातों से शहर में दशहत फैल गई थी। गैैंग के सरगना प्रदीप उर्फ अन्ना को पुलिस की तलाश थी। नारनौल पुलिस का मोस्ट वांटेड बदमाश और गैंग का लीडर प्रदीप उर्फ अन्ना अपने साथी लोकेश के साथ सीआईए नारनौल में मंगलवार की शाम सरेंडर कर दिया। आरोपी अपने पिता के साथ सीआईए पहुंचा और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस इसे पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थी। प्रवक्ता ने बताया कि रंगदारी मामले में गैंग का सरगना प्रदीप उर्फ अन्ना सहित उसके अन्य साथी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सीआईए टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर अनिल कुमार व एएसआई अशोक, लाल सिंह ऋषि, एचसी राकेश, भूपेंद्र, अनिल, घनश्याम व अन्य शामिल थे।
कमेटी में घाटा होने पर लॉकडाउन में ही बनाई थी गैंग-
प्रदीप उर्फ अन्ना मूलरूप से झाड़सा गुरुग्राम का रहने वाला है। करीब आठ साल नसीबपुर गांव में रेंट पर रह रहा था और परिवार ढाणी अफगान में दो साल से रह रहा है। आरोपी प्रदीप ने पुलिस को बताया कि वह कमेटी चलाकर ब्याज का काम करता था। इसमें उस पर लाखों रुपये का कर्ज हो गया। रुपयों की सख्त जरूरत थी। रंगदारी मांगने जैसी खबर पढ़ता था। इसके बाद रंगदारी करने के लिए एक गैंग बनाई जाए जो लोगों मे दहशत फैलाएं और फिर फोन करते ही लोग रुपये दे दे। एक दोस्त ने अन्ना को प्रवीन से मिलवाया। प्रवीन ने अन्ना के लिए युवकों का प्रबंध करने व हथियार मुहैया कराने की जिम्मेदारी ली। वहीं प्रदीप की लोकेश से जान पहचान राकेश ने कराई थी। गैंग में दो लोकल व पांच युवक हिसार को मिलाकर अन्ना ने रंगदारी की साजिश रची थी। आरोपी अन्ना ने अन्य साथियों से कहा था कि सभी को बराबर का हिस्सा मिलेगा। इसके बाद अन्ना को प्रवीन ने प्लान समझाया और पर्ची पर लिखकर देना भी प्रवीन का प्लान था। पहले शहर में अन्ना के साथ कई दिन रेकी की गई। लोकेश ने ही अपने मुहल्ले के रवि कुमार गुप्ता के मकान को टारगेट करने को कहा। दूसरा टारगेट सेक्टर निवासी बीजेपी नेता दयाराम था। लोकेश दोनों वारदातों में साथ रहा हैं। बदमाशों ने 27 अगस्त को नई सराय में रवी कुमार और 28 अगस्त को बीजेपी नेता दयाराम के घर पर वारदात को अंजाम दिया।
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शहर में सात लोगों की बनाई थी सूची
प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया प्रदीप उर्फ अन्ना ने नारनौल शहर में 6-7 जगह रंगदारी मांगने का टारगेट रखा था। शुरुआत में अन्ना चाहता था कि उसे भले फिरौती न मिले पर इतनी दहशत लोगों में हो कि अन्ना गैंग के नाम से रंगदारी मिल जाए। इसके लिए गैंग को खड़ा करना चाहता है। इसके लिए बाहरी युवकों की भी मदद से गैंग को जमा रहा था।
रुपये न होने पर किया सर्मपण-
प्रवक्ता ने बताया जब सीआईए नारनौल को इस गैंग का सुराग 48 घंटे में ही लग गया था। सबसे पहले इस गैंग के सोमबीर, रोहित व राकेश को 4 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद सोनू व विकास को गिरफ्तार किया। इसके बाद प्रवीन को गिरफ्तार किया गया। सीआईए नारनौल अन्ना के पीछे लग गई। कई ठिकानों पर छापा मारी की गई, लेकिन आरोपी ठिकाने बदलता रहा। आरोपी अन्ना व लोकेश के रुपये खत्म हो गए। रुपयों का प्रबंध नहीं हो सका आखिर में पुलिस के दवाब के चलते आरोपी अन्ना व लोकेश ने अपने परिवार के साथ सीआईए में आकर सरेंडर कर दिया। रिमांड के दौरान अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना हैं।
दिल्ली समेत तीन जिलों में मुकदमें दर्ज
प्रवक्ता के अनुसार इस शातिर गैंग लीडर प्रदीप उर्फ अन्ना के खिलाफ रोहतक, सोनीपत और दिल्ली में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों आरोपी कोर्ट से पीओ घोषित है। इसकी तलाश दूसरे जिले की पुलिस को भी थी। आरोपी अन्ना ने साल 2009 में नारनौल अनाज मंडी के एक व्यापारी को गोली मार दी थी। अन्ना ने ही गैंग के मेंबरों को पूरी तरह आश्वासन दिया था कि वो उनके मामलों की पैरवी करेगा।
मोस्टवांटेड खुद पहुंचा, पुलिस देखती रह गई-
नारनौल पुलिस का मोस्ट वांटेड बदमाश प्रदीप उर्फ अन्ना की तलाश में नारनौल पुलिस लगी हुई थी। इसके लिए एसपी ने खास तौर पर सीआईए को लगाया हुआ था। पुलिस की टीमें आरोपी की लगातार तलाश में लगी हुई थी। इसके बादवूजद आरोपी अपने साथी के साथ सीआईए पहुंच गया। पुलिस के नेटवर्क भी इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं लगा पाया।
अपराधियों को जिले में किसी भी सूरत में नहीं पनपने दिया जाएगा। सीआईए और साइबर टीम ने अच्छा कार्य किया है। टीम के सभी सदस्यों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
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चंद्रमोहन, एसपी नारनौल
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