नारनौल। मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन संबंधित एआईयूटीयूसी की बैठक रविवार को लघु सचिवालय पार्क में हुई। बैठक में निर्णय लिया कि श्रमिक-कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल में मिड-डे मील कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।
वक्ताओं ने कहा कि मिड-डे मील कार्यकर्ता बेहद गरीब परिवारों से हैं व बेहद मामूली मानदेय पर सरकारी स्कूलों में खाना बनाने का काम करती है लेकिन मिड-डे मील कर्मियों को श्रमिक का दर्जा भी नहीं दिया गया है और न ही न्यूनतम वेतन 28000 लागू किया गया है।
वक्ताओं ने मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को 10 माह के स्थान पर 12 माह का मानदेय दिया जाए, रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष, रिटायरमेंट पर 5 लाख रुपये एकमुश्त राशि सहित अनेक मांगों को हड़ताल के दौरान उठाया जाएगा। बैठक को सुनीता, संतोष यादव, बिमला, माया, पुष्पा, लक्ष्मी, बनिता,
मधु, अजिता, मुकेश कुमार, जिला सचिव छाजूराम रावत ने संबोधित किया। एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सुबे सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रमिक विरोधी 4 लेबर कोड्स लागू कर अधिकारों को भी छिनने
का रास्ता साफ कर दिया है। बैठक में राजबाला, पिस्ता, मधु, लीला, सुमन, रेखा, मुन्नी, कौशल, मंजू, ममता, गुड्डी, सुनीता, बीना, उर्मिला, सावित्री, सरिता, मधु बाला, कविता सहित अनेक मिड-डे मील कार्यकर्ता सहायिका उपस्थित रही।