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मिले महज 350 बैग, किसानों की उमड़ी भीड़ ने किया हंगामा, पुलिस की उपस्थिति में किया खाद का वितरण

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खाद के लिए लगी भीड़ के साथ धक्का मुक्की करते पुलिसकर्मी - फोटो : Narnol
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महेंद्रगढ़। पिछले एक सप्ताह से खाद के लिए दर-दर भटक रहे किसानों को वीरवार को भी महज 350 बैग उपलब्ध हो पाए। खाद लेने के लिए करीब 800 किसान पहुंच गए। इसके बाद गोदाम में बैठे कर्मचारी ने जैसे ही खाद वितरण शुरू किया तो पहले लेने के प्रयास में किसानों ने हंगामा खड़ा कर कुछ देर के लिए रेलवे रोड को जाम कर दिया।
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इसके बाद किसानों द्वारा गोदाम का शटर बंद कर दिया। हैफेड के प्रबंधक द्वारा पुलिस की सहायता लेने के लिए सूचना देने के करीब एक घंटे बाद बिक्री केंद्र पर महज तीन पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया। किसानों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिसकर्मी भी बेबस नजर आए तथा खड़े होकर किसानों का हंगामा देखने लगे। महिला किसान भी टोकन लेने के प्रयास में पसीने से तरबतर हो गई। पुलिस द्वारा प्रयास के बाद करीब 11 बजे खाद का वितरण शुरू हो पाया।
चार बजे ही पहुंचे किसान:
बुधवार को खाद नहीं मिलने से गुस्साए किसानों ने रेलवे रोड को जाम कर दिया था। मौके पर पहुंचे नायब नायब तहसीलदार नरेश कुमार व गिरदावर नरेश ने वीरवार को खाद आने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। वीरवार को खाद आने की सूचना होने के कारण किसान सुबह पांच बजे आकर ही पहले नंबर की जुगत में जुट गए। लेकिन जैसे ही गोदाम खोला गया तो किसानों का धैर्य भी जवाब दे गया और पहले खाद लेने के प्रयास में हंगामा खड़ा कर दिया।
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- पहले मिलते थे पांच बैग, अब केवल एक:
किसानों को पहले एक आधार कार्ड पर पांच बैग खाद दी जा रही थी। लेकिन जैसे-जैसे खाद को लेकर परेशानी बढ़ने लगी वैसे बैगों की संख्या भी कम होती चली गई। वीरवार को एक आधार कार्ड पर महज एक बैग का वितरण किया गया। ऐसे में किसान के लिए समय पर सरसों की बिजाई करना बड़ी चुनौती है।
- जिम्मेदारों को नहीं पता कब मिलेगी राहत:
किसानों द्वारा जब जिम्मेदारों से खाद के बारे में जब पूछताछ की जाती है तो अधिकारियों द्वारा किसानों को संतुष्टिजनक जवाब भी नहीं दिया जा रहा है। आगे से खाद आने के बाद वितरण शुरू करने की बात कहकर टाल दिया जाता है। दिनभर किसान कार्यालय में बैठे अधिकारियों से पूछताछ करते रहे लेकिन अधिकारी किसानों को सही तरीके से जवाब नहीं दे पाए।
- दिनभर प्रयासों के बाद भी खाली हाथ लौटे किसान:
वीरवार को खाद आने की सूचना मिलने ही करीब 800 की संख्या में किसान सोसायटी के बिक्री केंद्र पर पहुंच गए। लेकिन एक किसान को एक ही बैग दिया गया जिसके कारण करीब 450 किसान दिनभर की भाग-दौड़ के बावजूद भी खाली हाथ लौटे।
- खाद की नहीं रहेगी कमी:
जिले में डीएपी के 28 हजार बैग शीघ्र ही उपलब्ध होंगे। इनमें से वीरवार को दस हजार बैग पहुंच चुुके हैं जो बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अलावा 18 हजार बैग दो दिनों में जिले को मिल जाएंगे। जिससे खाद की कमी नहीं रहेगी। किसान सरसों बिजाई से पूर्व सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग कर सकते हैं। तीन बैग बिजाई करने से सरसों में तेल की मात्रा व गुणवत्ता बेहतर रहेगी जिससे किसानों को अच्छी पैदावार के साथ-साथ अच्छे भाव मिलेगा। एसएसपी खरीदने में किसानों को भी कोई परेशानी नहीं होगी। - डॉ. वजीर सिंह, कृषि उप निदेशक।
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