फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कनीना बस हादसा: घायल छात्रा सपना नौ माह बाद हारी जिदंगी की जंग, गुरुग्राम के अस्पताल में चल रहा था इलाज

Fri, 31 Jan 2025 09:42 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)

सार

नौ माह पूर्व कनीना के जीएल स्कूल की बस का चालक शराब के नशे में बस चला रहा था। उन्हाणी के पास हुए भीषण बस हादसे में छह बच्चों की मौत हो गई थी जबकि अनेक घायल हुए थे।
विज्ञापन
सपना - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कनीना क्षेत्र के गांव उन्हाणी के नजदीक पिछले साल 11 अप्रैल को हुए भीषण सड़क हादसे में गंभीर घायल छात्रा सपना नौ माह बाद जिंदगी की जंग हार गई। छात्रा सपना की वीरवार देर शाम को मौत हो गई। ग्रामीणों ने नम आंखों से अपनी लाडली को अंतिम विदाई दी। सपना गांव खरकड़ा बास निवासी सतीश कुमार की बेटी थी। 

विज्ञापन


नौ माह पूर्व कनीना के जीएल स्कूल की बस का चालक शराब के नशे में बस चला रहा था। उन्हाणी के पास हुए भीषण बस हादसे में छह बच्चों की मौत हो गई थी जबकि अनेक घायल हुए थे। इसी हादसे में गंभीर रूप से घायल सपना का गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। सपना को रीढ़ की हड्डी में मल्टीपल फ्रेक्चर था और साथ ही अन्य प्रकार की गंभीर चोटें भी थी। हादसे के बाद से ही वह बिस्तर पर थी। 

सपना ने बीए प्रथम वर्ष के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। सपना जीएल कॉलेज की टॉपर छात्रा रही थी। बस हादसे के बाद जब सपना का इलाज गुरुग्राम में एक निजी अस्पताल में चल रहा था तब अस्पताल प्रबंधन द्वारा परिजनों से उपचार के लिए पांच लाख रुपये की मांग की गई थी। तब तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को धमकाया था। उस समय सरकार व प्रशासन ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था। लेकिन सपना को किसी तरह की कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई जबकि छह मृतक विद्यार्थियों के परिजनों को सरकार द्वारा पांच-पांच लाख रुपये की राशि प्रदान की गई थी। सपना का अंतिम संस्कार गांव के ही श्मशान घाट में किया गया तथा ग्रामीणों ने नाम आंखों से गांव की होनहार बिटिया को अंतिम विदाई दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें