फोटो संख्या:65- प्राचीन हनुमान मंदिर में शिव महापुराण कथा में शिव-पार्वती विवाह की झांकी निक
महेंद्रगढ़। प्राचीन हनुमान मंदिर सैनीपुरा में चल रही सात दिवसीय संगीतमयी शिव महापुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं को शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनाई गई।
कथा व्यास पंडित विकास शास्त्री ने बताया कि पर्वतराज हिमालय की तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं। उन्होंने पर्वतराज को बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं।
बड़े होने पर पर्वतराज को उनकी शादी की चिंता सताने लगी, लेकिन माता बचपन से ही भगवान शिव की भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने पर्वतराज को भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बरात लेकर माता पार्वती के घर पहुंचे तो उन्हें देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित हो गए, लेकिन माता पार्वती ने खुशी-खुशी महादेव को पति के रूप में स्वीकार किया। इसके साथ श्रद्धालुओं को सोमनाथ ज्योतिर्लिंग व महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के प्रकट होने से संबंधित कथा सुनाई गई। उन्होंने बताया कि शिव महापुराण कथा प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से 3:30 बजे तक होगी। इस मौके पर अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।