मुख्यमंत्री मनोहर लाल से विचार विमर्श करते पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा।
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पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से वीरवार को उनके चंडीगढ़ आवास पर मुलाकात की। इस मौक पर पूर्व मंत्री ने खुडाना में प्रस्तावित आईएमटी के बारे में चर्चा की और उस पर जल्द से जल्द काम शुरू करवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने तुरंत एडिशनल चीफ सेक्रेटरी इंडस्ट्री से बात की। एसीएस ने बताया कि उक्त प्रोजेक्ट पर फाइल शुरू हो गई है और पंचायत द्वारा भेजा गया 400 एकड़ जमीन का प्रस्ताव भी उनको मिल गया है। सीएम ने पूर्व मंत्री के समक्ष एक बार फिर दोहराया कि आईएमटी खुडाना सरकार का प्राइम प्रोजेक्ट है। सरकार इसको अवश्य स्थापित करेगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी 2019 को गांव खुडाना में आईएमटी का शिलांयास किया था। लगभग ढ़ाई वर्ष का समय बीतने के बाद भी जमीन ट्रांसफर नहीं हो पाई है। इस संबंध में पिछले महीने ग्रामीणों ने गांव खुडाना में महापंचायत का आयोजन किया था। जिसमें पंचायत में संघर्ष के बल पर प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने का फैसला लिया गया था लेकिन नारनौल सीएम द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद लोगों ने आगामी कार्रवाई स्थगित कर दी थी।
मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट के लिए की थी 400 एकड़ जमीन की मांग
मुख्यमंत्री मनोहर लाल 28 जुलाई को नारनौल में कार्यकर्ता सम्मेलन में आए थे। उस दिन गांव खुडाना का एक प्रतिनिधि मंडल पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के नेतृत्व में उपरोक्त प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा था कि आईएमटी का डिजाइन व प्लान तैयार है। लगभग 400 एकड़ जमीन की कमी है। जैसे ही जमीन निर्धारित प्लान के मुताबिक पूरी हो जाएगी प्रदेश सरकार उस पर जल्द से जल्द काम शुरू करवाएगी। ग्राम पंचायत ने सरकार को जमीन का प्रस्ताव भेज दिया है।
खुडाना में आईएमटी स्थापित होने पर क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुल जाएंगे। यहां के पढ़े लिखे नौजवानों को नौकरी के लिए धारूहेड़ा, रेवाड़ी, मानेसर, गुरुग्राम, फरीदाबाद नहीं पड़ेगा। क्षेत्र से दो से तीन हजार से अधिक युवा इन शहरों में स्थित कंपनियों में काम करते हैं। आईएमटी विकसित होने के बाद 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलने के आसार हैं।
गांव खुडाना के निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि ओमपाल सिंह ने कहा कि 5 अगस्त को सरकार किसानों की 400 एकड़ जमीन नियमानुसार दिए जाने का प्रस्ताव भेजे दिया था। अब एचएसएसआईडीसी के अधिकारी गांव में आकर सर्वे करें। गांव पूरा सहयोग करेगा।