करीब 1200 घरों वाले इस गांव में आजादी के बाद सुजान सिंह पहले सरपंच बने। उन्होंने तीन योजनाओं तक गांव का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद घीसा राम बोहरा, कन्ही राम, रामजीलाल, अत्तर सिंह, भानी सहाय, कृपाल सिंह, सुनीता देवी, माया देवी, रामबाई व विजयपाल सरपंच रहे। मौजूदा सरपंच रीना यादव हैं।
गांव के दो जांबाज सिपाहियों लाल सिंह ने कारगिल युद्ध में व बाबूलाल ने ऑपरेशन विजय के दौरान कुर्बानी दी थी। गांव की बेटी सनीशा यादव लेफ्टिनेंट पायलट, आदित्य प्रकाश कमिश्नर, सरजीत यादव नेवी कमांडर, मदनलाल भाटिया खंड शिक्षा अधिकारी, भागमाल यादव महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में कार्यरत हैं। विशिष्ट व्यक्ति ढकत ने अपने कार्यों से गांव का नाम रोशन किया है। बाबा गैबीराम मंदिर समिति के प्रधान सत्यपाल यादव प्रमुख समाजसेवी हैं। उन्होंने अपने निजी कोष से दो स्वागतद्वार व हनुमान जी का भव्य मंदिर बनवाया है। लक्की भाटिया मशहूर गायक व मनीष छैला कॉमेडी कलाकार हैं।
गांव में माध्यमिक स्कूल, व्यायाम शाला, पशु अस्पताल, उप स्वास्थ्य केंद्र, स्ट्रीट लाइट व बूस्टिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं जबकि खेल स्टेडियम, सांस्कृतिक भवन, ई-लाइब्रेरी, सीसीटीवी की दरकार है। प्रमुख समस्या की बात करें तो गांव का गंदा पानी होली माता स्थान के पास जोहड़ में जमा होता है। इसकी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं बन पा रही है।
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जनसंख्या- 4000
मतदाता- 2460
पुरुष मतदाता - 1240
महिला मतदाता - 1220
साक्षरता- 90 फीसदी
कनेविटविटी-जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर
पहचान-उच्च अधिकारियों का गांव
आय का प्रमुख स्रोत -कृषि,पशुपालन
प्रमुख उत्पान-गेहूं,सरसों व बाजरा