नारनौल। प्रदेश में 15 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू होगी। जिला महेंद्रगढ़ में इसकी तैयारी को लेकर उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने बुधवार को लघु सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी खरीद सीजन में सरकारी खरीद के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। एसडीएम अपने क्षेत्र के नोडल अधिकारी होंगे। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देश हैं कि फसल बेचने के 48 से 72 घंटे के अंदर-अंदर किसान के खाते में उसकी फसल की रकम डाल दी जाए।
अधिकारी इस टाइमलाइन की पालना सुनिश्चित करें। इस बैठक में उपायुक्त ने पर्याप्त मात्रा में बारदाना रखने के निर्देश दिए। वहीं मंडियों में शौचालय, कैंटीन तथा बिजली-पानी की उचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। बैठक में एसडीएम रमित यादव, डीएसपी हरदीप सिंह, एएफएसओ अरुण सैनी, डीएम वेयर हाउस रेखा मलिक, डीएम हैफेड प्रवीण भारद्वाज के अलावा सभी मंडियों के सचिव तथा आढ़ती संगठन के प्रधान भी मौजूद थे।
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एक किसान 25 क्विंटल सरसों ला सकता है
जिला महेंद्रगढ़ में मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल पर 90436 किसानों ने 324751 एकड़ के लिए पंजीकरण करवाया है। एक दिन में एक किसान 25 क्विंटल सरसों ला सकता है। इनमें से 85936 किसानों ने 273233 एकड़ में सरसों का पंजीकरण करवाया है। इन्हीं पंजीकृत किसानों की सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी।इस बार जिला महेंद्रगढ़ में कुल 1.50 लाख एमटी सरसों खरीद का लक्ष्य रखा गया है। डीसी ने किसानों से आह्वान किया है कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह से सुखाकर और साफ करके लेकर आएं।
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जिला में ये होंगे खरीद केंद्र
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने बताया कि जिला की छह मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद होगी। अटेली, महेंद्रगढ़ तथा नांगल चौधरी की अनाज मंडी में हैफेड द्वारा खरीद की जाएगी जबकि कनीना, नारनौल और सतनाली में वेयरहाउस खरीद करेगा।
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नकली सरसों पर रहेगी कड़ी नजर
उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने नकली सरसों की सूचना पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जब अधिकारियों द्वारा नकली सरसों का नमूना दिखाया गया तो सभी हैरान रह गए। इसकी बनावट तथा रंग पूरी तरह से सरसों की तरह दिखता है। जब इसे पानी में डालते हैं तो इसकी मिट्टी बन जाती है। डीसी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में खरीद से लेकर गोदाम के अंदर पहुंचने तक इस मामले पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरसों के बैग पर संबंधित आढ़ती का मार्का लगाया जाए, ताकि भविष्य में भी अगर सरसों में गड़बड़ मिलती है तो कार्रवाई की जा सके।