सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने जिले में आयुष्मान भारत योजना की स्टेट्स रिपोर्ट जारी की। इसमें 23 सितम्बर 2018 से 31 दिसंबर 2020 तक जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत हर क्षेत्र हुए कार्यों का विवरण जारी किया है।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने में जिला एसईसीसी 2011 के अनुसार प्रथम स्थान पर है। जिले में अब तक 45 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जिले में योजना के तहत 208158 परिवार है। इनमें से 93500 से अधिक लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी किया जा चुका है। जिले में योजना के तहत अब तक सभी पैनल के अस्पतालों द्वारा 3910 से अधिक लाभार्थी मरीजों को लगभग तीन करोड़ रुपये का लाभ दिया जा चुका है। विभाग द्वारा सराहनीय काम करते हुए जिले में योजना के तहत अब तक 1457 लाभार्थियों को 4199500 रुपये का इलाज कोरोना वैश्विक महामारी की जांच व संक्रमित होने पर इलाज के लिए लाभ दिया है। जिले में अब तक 9 सरकारी व 12 निजी अस्पताल योजना के पैनल पर उपलब्ध है। जिला योजना के तहत किसी भी शिकायत के निवारण में भी प्रथम स्थान पर है। योजना से संबंधित कोई भी शिकायत विभाग के पास लंबित नही है।
इस मौके पर डॉ. डीके सैनी (उप सिविल सर्जन, आयुष्मान भारत) ने बताया कि विभाग हर स्तर पर योजना को पूर्ण रूप से धरातल पर लागू करने के लिए प्रयासरत है। जिले में कॉल सेंटर के माध्यम से लाभार्थियों को योजना के बारे में बताया जा रहा है। योजना का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। जिन गांवों में योजना के तहत अभी तक कोई गोल्डन कार्ड नहीं बना था, उन गांवों में जिला सूचना प्रबंधक उमेश सैनी को उनकी टीम सहित लाभार्थियों को योजना के लिए जागरूक कर गोल्डन कार्ड बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिले के सभी पैनल के अस्पतालों को भी जिले में गांवों में जाकर कैंप लगाने के लिए आदेश किए गए हैं। योजना के तहत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केद्रों को भी योजना से जोड़ा जा चुका है। लाभार्थी वहां जाकर भी अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। योजना के लाभार्थियों को जल्दी से जल्दी अपना गोल्डन कार्ड बनवाने का आग्रह भी किया ताकि योजना के हर लाभार्थी तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।