नारनौल। क्षेत्र में इन दिनों सब्जियों की पौध की रोपाई का कार्य किया जा रहा है। अगस्त माह के अंत से सितंबर माह के मध्य तक का समय सब्जी की पौध की रोपाई के लिए उपयुक्त समय है। उद्यान विभाग द्वारा मटर, मूली, टमाटर, गोभी, बैंगन गाजर सहित सभी हाइब्रिड सब्जियों पर सब्सिडी भी दी जा रही है। विभाग द्वारा किसानों को हाइब्रिड सब्जियों की खेती करने पर 15000 रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसान नजदीकी कार्यालय में दस्तावेज जमा करवा सकते हैं। क्षेत्र में सब्जी उगाने के लिए मल्चिंग और बंबू स्टेकिंग खेती ज्यादा प्रचलित हैं।
मल्चिंग खेती में सब्जी की पौध को पन्नी से कवर कर दिया जाता है, ताकि मिट्टी के कटाव व खरपतवार को रोका जा सकें और मिट्टी में नमी को संरक्षित रखा जा सकें। वहीं बंबू स्टेकिंग खेती में खेत में बांस लगाए जाते हैं और सब्जी की बेल को उन पर लपेटा जाता हैं ताकि कम क्षेत्र में ज्यादा सब्जी की पैदावार हो सकें।
उद्यान विभाग द्वारा लाभार्थी किसान को सीधे खाते में सब्सिडी भेजी जाती है। सब्जी उगाने वाले किसान को सब्सिडी प्राप्त करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद किसान परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पास बुक और जमीन से जुडे सभी जरूरी दस्तावेज नजदीकी ब्लॉक उद्यान विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। किसान नजदीकी सीएससी सेंटर और स्वयं के द्वारा भी hortharyana.gov.in पार्टल पर जमा करवा सकते हैं।
मिट्टी-पानी की जांच करवा कर ही सब्जी उगाए किसान
अगस्त माह के अंत से सितंबर माह के मध्य तक मटर, मूली, टमाटर, गोभी, बैंगन गाजर सहित अनेक प्रकार की सब्जियों की खेती की खेती की जाती है। मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में किसान मटर की खेती सबसे ज्यादा करते हैं क्योंकि मटर की खेती अन्य सब्जियों की तुलना अधिक लाभदायक है। उद्यान विभाग के अनुसार किसी भी सब्जी की खेती करने से पहले किसान को अपने नजदीकी जांच केंद्र से मिट्टी पानी की जांच अवश्य करवानी चाहिए ताकि मिट्टी की उर्वरक क्षमता के हिसाब से सब्जियों को उगा सकें और अधिक पैदावार प्राप्त कर सकें।
15 हजार प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दी जाती है सब्सीडी
उद्यान विभाग द्वारा सब्जी के लिए सब्सिडी 15000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से दी जाती है। वहीं बांस अधारित बंबू खेती के लिए 31250 प्रति हेक्टेयर और पन्नी अधारित मल्चिंग खेती के लिए 16000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सब्सिडी दी जाती है। सब्जियों को उगाने के लिए जिले में वर्ष 2022-23 में करीब 159 हेक्टेयर भूमि पर करीब 59 लाख रुपये और वर्ष 2023-24 में करीब 190 हेक्टेयर भूमि पर करीब 72 लाख रुपये सब्सिडी दी जा चुकी है। बंबू खेती के लिए वर्ष 2022-23 में करीब 12 हेक्टेयर भूमि पर 3.75 लाख रुपये और वर्ष 2023-24 में 18 हेक्टेयर भूमि पर 5.62 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई। वहीं मल्चिंग खेती के लिए वर्ष 2022-23 में करीब 18 हेक्टेयर भूमि पर 2.88 लाख रुपये और वर्ष 2023-24 में 5.92 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई।
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वर्जन
सब्जी उगाने पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसान सभी जरूरी दस्तावेज नजदीकी कार्यालय और पाेर्टल पर जमा करवा सकते हैं। सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसान जल्द से जल्द अपने दस्तावेज जमा करवाएं। वहीं सब्जी की अच्छी पैदावार के लिए किसान पंजीकृत बीज की दुकान से ही बीज खरीदें।
डॉ. प्रेम कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, जिला उद्यान केंद्र नारनौल।