एनएचएम कर्मचारियों की बैठक मंगलवार को नागरिक अस्पताल में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला प्रधान डॉ. पुष्पेंद्र ने की।
उन्होंने कहा कि 2 नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा धनतेरस पर प्रदेश के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की घोषणा की थी, लेकिन अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण घोषणा के 5 महीने बाद भी पत्र जारी नहीं किया गया है। जिसके कारण एनएचएम कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। पूर्व जिला प्रधान हरकेश ने बताया कि एक जनवरी 2018 से एनएचएम कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के हिसाब से सेवा नियम बनाकर वेतन निर्धारित किए गए थे। इस दौरान अधिकतर श्रेणी के कर्मचारियों के वेतनमान में भारी विसंगतियां थीं। उसे दूर करवाने के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की राज्य कार्यकारिणी की चार वर्ष से बार-बार बैठक हो रही है। केवल आश्वासन ही मिल रहा है। आज तक एक भी कर्मचारी की वेतन विसंगति को दूर नहीं किया गया, जिसकी वजह से एनएचएम कर्मियों में रोष है।
जिला संयोजक संदीप यादव ने बताया कि 20-20 वर्षों से एनएचएम के तहत कर्मचारियों को आज भी प्रत्येक वर्ष 31 मार्च के बाद रिन्युअल किया जाता है, जिसके कारण कर्मचारियों को मानसिक शोषण का शिकार होना पड़ता है। ज्ञापन लेने के बाद सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनके मांगपत्र को उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। इस अवसर पर नितेश बंसल, योगेश शर्मा, हेमंत यादव, सुनीता यादव, उषा रानी, पूनम यादव, दिनेश शर्मा, हेमंत गर्ग, बिंदू यादव, संजय सैनी, ज्योति यादव, सुनीता मान, दिनेश सैनी, प्रेम प्रकाश, गौरव कक्कड़, विजय यादव व जितेंद्र यादव उपस्थित रहे।