नांगल चौधरी के गांव नोलाजा में किसान लीलाराम फरसवाल ने अपनी साढ़े चार एकड़ में पाले से खराब सरसों की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। पीड़ित किसान का कहना है कि करीब दस हजार रुपये फसल की बुवाई के समय लग गए थे।
हरियाणा के नारनौल जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र में जनवरी माह में पड़े भयंकर पाले का असर अब सरसों की फसल पर दिखाई देने लग गया है। सरसों की फलियों में दाने न के बराबर हैं। किसानों को इससे 90 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। किसान अब पाले से खराब हुई सरसों की फसल पर ट्रैक्टर चला रहे हैं।
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नांगल चौधरी के गांव नोलाजा में किसान लीलाराम फरसवाल ने अपनी साढ़े चार एकड़ में पाले से खराब सरसों की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। पीड़ित किसान का कहना है कि करीब दस हजार रुपये फसल की बुवाई के समय लग गए थे। जिनमें खाद, बीज व बुवाई शामिल है। अब सर्दी की वजह से फसल में दाना भी नहीं बचा, अगर वह कटाई भी करवाएंगे तो करीब 3 से 4 हजार रुपये कटाई के लग जाएंगे।
ऐसे में ट्रैक्टर चलाना ही ठीक रहेगा। ताकि खेतों में अगली फसल के लिए खाद तो तैयार हो सके। किसान का कहना है कि अब उन्हें केवल सरकार से ही आस है, अगर सरकार ने भी मुआवजा नहीं दिया तो क्षेत्र का किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
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गौरतलब है कि गत जनवरी माह में लगातार क्षेत्र में भयंकर ठंड पड़ी थी। 4 से 7 दिनों तक लगातार पाला पड़ने की वजह से सरसों की फसल खराब होने लग गई थी। इसका ज्यादा असर नांगल चौधरी के क्षेत्र में खड़ी बारानी फसल पर पड़ा है। जिससे कि क्षेत्र में सरसों की फसल में बहुत अधिक नुकसान हुआ है।