सीहमा। राता कलां निवासी बिरेंद्र नामक व्यक्ति के द्वारा एग्रीकल्चर उद्यान अधिकारी नारनौल के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी निरीक्षक हरियाणा को शिकायत पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार गांव राता कला निवासी बिरेंद्र सिंह ने गत 21 जून को उद्यान एग्रीकल्चर अधिकारी नारनौल से आरटीआई के माध्यम से 7 बिंदु वार जानकारी मांगी थी लेकिन विभाग ने जब इसकी जानकारी नहीं दी गई तो उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी निरीक्षक को शिकायत पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि दी गई जानकारी मे 2013, 2014 तथा 18 फरवरी 2015 में पॉली हाउस के लिए सब्सिडी दर्शाई गई है जबकि सब्सिडी में लगाई गई जमाबंदी की कॉपी 22 मई 2015 दिखाई गई है। ऐसे में यह साबित होता है कि पॉली हाउस की सब्सिडी बैगर जमाबंदी के ही पारित कर दी गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरटीआई में मांगी गई नियम प्रणाली की कॉपी 2020, 2021 की दी गई है और 2017 की गिरदावरी में उक्त जमीन पर तीन पॉली हाउस दिखाए गए हैं जिनमें से दो जगह के पॉली हाउस मुताबिक गिरदावरी बाग पर लगे हुए हैं बाकी का कोई लेखा-जोखा नहीं दिया गया
बिरेंद्र सिंह का आरोप है कि उद्यान एग्रीकल्चर विभाग के उच्च अधिकारियों से उक्त लोगों ने मिलीभगत करके लाखों रुपये की सब्सिडी वसूल करके सरकार को चूना लगाने का कार्य किया है ऐसे में शिकायतकर्ता ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करके सरकारी राशि वसूली जाए।