महेंद्रगढ़। जलवायु अनुकूल कृषि पर राष्ट्रीय नवाचार परियोजना के अंतर्गत गांव गडानिया में सरसों खेत दिवस का आयोजन किया गया। किसानों को सरसों की अच्छी पैदावार के लिए उन्नत कृषि क्रियाओं के बारे में बताया गया। सरसों की फसल में बीमारियों के पहचान एवं उनकी रोकथाम के उपाय बताए गए।
केंद्र के वरिष्ठ संयोजक व कीट वैज्ञानिक डाॅ. जयलाल यादव ने सरसों फसल के लगाए हुए प्रदर्शन प्लांट की उन्नत कृषि क्रियाओं से अवगत कराया। बताया कि महेंद्रगढ़ जिला के किसान सरसों फसल की अच्छी पैदावार ले रहे हैं। फसल उत्पादन की उन्नत कृषि क्रियाओं को अपनाने में पीछे हैं। तना गलन व सफेद रतुआ बीमारी की रोकथाम के बारे में बताया।
खेत दिवस के आयोजक डॉ. आशीष शिवरान ने बताया कि गांव गडानिया में सरसों फसल के 10 एकड़ में प्रदर्शन प्लाट लगाए गये थे। उन्नत किस्म का बीज आर. एच.–725, जीवाणु खादों का प्रयोग, जिप्सम का प्रयोग, संतुलित मात्रा में खादों का प्रयोग, तना गलन व सफेद रतुआ बीमारी की रोकथाम, मरगोजा की रोकथाम की तकनीकों को प्रदर्शित किया गया।