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सरसों की खरीद शुरू होने के दो दिन बाद भी मंडियों में नहीं पहुंचे किसान

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प्रदेश में सरसों की सरकारी खरीद शुरू हो गई है लेकिन समर्थन मूल्य से ज्यादा भाव मार्केट में होने की वजह से किसान सरकार को सरसों नहीं बेच रहे। सरसों की 60 प्रतिशत से अधिक कटाई हो चुकी है लेकिन पिछले दो दिन में जिले की अनाज मंडियों में सरकारी खरीद केंद्रों पर सरसों नहीं पहुंची। सरसों का समर्थन मूल्य 5050 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि प्राइवेट बोली पर 6300 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल सरसों बिक रही है। पिछले साल भी सरसों समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पाई थी। सरसों के भाव ज्यादा मिलने के कारण इस बार रबी सीजन में जिले में सरसों का रकबा बढ़ा 20 हजार एकड़ बढ़ा है। पिछले साल सरसों 2.50 लाख एकड़ भूमि पर बोई गई थी और इस बार 2.70 लाख एकड़ भूमि पर बोई गई है। किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर सरसों की फसल का रजिस्ट्रेशन भी कराया हुआ है ताकि समर्थन मूल्य पर खरीद हो सके। लेकिन मार्केट भाव ज्यादा होने के कारण किसानों को समर्थन मूल्य पर फसल बेचने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
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एक अप्रैल से गेहूं की खरीद होगी शुरू
मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। अचानक तापमान में बढ़ोतरी होने के कारण इस बार बाकी सालों की तुलना में गेहूं की फसल जल्दी पक सकती है। जिले में करीब 76 हजार एकड़ में गेहूं की फसल है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 14 हजार एकड़ भूमि पर कम है। 6 मंडियों और खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद होगी। सरकार की तरफ से अभी गेहूं खरीद के लिए एजेंसियों को मंडियां अलाट नहीं की गई हैं।
समर्थन मूल्य से मार्केट में ज्यादा भाव मिल रहे
हैफेड के डीएम रामकुमार ने बताया कि मंडी में सरसों 6500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिक रही है। समर्थन मूल्य 5050 रुपये है। ऐसे में किसान समर्थन मूल्य पर फसल बेचने में रुचि नहीं ले रहे। पिछले साल भी सरसों समर्थन मूल्य से ज्यादा भाव बिकी थी। मंडी व खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद के लिए साफ सफाई व अन्य व्यवस्था कराई जा रही है।
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नई मंडी में होगी सरसों की खरीद
बता दें कि अनाज मंडी के व्यापारी नई मंडी में सरसों की खरीद के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। दो दिन पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने व्यापारियों को अनिश्चितकालीन आंदोलन तुड़वाया था और यह आश्वासन दिया था कि सरसों की खरीद पुरानी मंडी में ही होगी लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आए हैं। मार्केट कमेटी की सचिव नुकूल यादव ने कहा कि सरसों की खरीद नई मंडी में ही होगी। अभी तक उनके पास पुरानी मंडी में खरीद करने को लेकर सरकार की ओर से कोई लेटर नहीं आया है। सचिव ने कहा कि नई अनाज मंडी के अलावा कहीं भी सरसों की खरीद नहीं की जाएगी। अगर कोई व्यापारी ऐसा करता मिला तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। दो दिन पहले एक व्यापारी ने ऐसा किया था तो उससे जुर्माना वसूल किया गया है।
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