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Mahendragarh-Narnaul News: एमएफएमबी में पूरी जमीन, ई-खरीद में आधी, अटका भावांतर

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फोटो नंबर- 18जगजीत, किसान, गांव- पटीकरा
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नारनौल। सरकार के दो पोर्टलों के बीच तालमेल न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने जमीन और फसल का पंजीकरण एमएफएमबी पोर्टल पर करवा रखा है लेकिन ई-खरीद पोर्टल पर उनका डाटा आधा-अधूरा ही सत्यापित हो पाया है।
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नियम के अनुसार मार्केट कमेटी उसी किसान को गेट पास जारी करती है जिसका डाटा ई-खरीद पर सत्यापित हो। डाटा अधूरा होने से कई किसान भावांतर योजना के तहत बाजरा नहीं बेच पा रहे हैं।
किसानों को डर है कि समय पर सत्यापन नहीं हुआ तो उन्हें सरकारी खरीद खत्म होने के बाद मंडी में फसल बेचनी पड़ेगी, तब भाव गिर भी सकते हैं। अभी बाजरे का भाव 2300 से 2450 रुपये के बीच है।
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नारनौल के मार्केट कमेटी सचिव नुकुल यादव ने बताया कि बाजरा खरीद के लिए शेड्यूल जारी किया गया है। किसानों से अपील है कि शेड्यूल के अनुसार ही फसल बेचने आए।
गांवों का शेड्यूल जारी
शनिवार को 26 से 31 अक्तूबर तक नारनौल और अटेली मंडी के लिए शेड्यूल जारी किया गया। नारनौल मंडी में 26 अक्तूबर को रघुनाथपुरा, रसूलपुर और रामपुरा, 27 को शहरपुर, रामबास और सेका, 28 को श्योनाथपुरा, सुराना और शाहपुर के किसानों की बारी है। 29 को टहला व ताजीपुर, 30 को तलोट, थाना, शोभापुर व सलुनी और 31 को ताजपुर, सीहमा व सिलारपुर मेहता के किसान बाजरा बेच सकेंगे।

16 एकड़ जमीन का पंजीकरण पोर्टल पर कराया था। ई-खरीद पोर्टल पर केवल 6 एकड़ जमीन का ही सत्यापन हो पाया है। अब 10 एकड जमीन का करीब 100 क्विंटल बाजरा भावांतर के तहत नहीं बेच पा रहा और न ही उचित बाजार भाव मिलने की संभावना है। -जगजीत, किसान, गांव पटीकरा

5 एकड जमीन का पंजीकरण कराया था लेकिन केवल 4 एकड जमीन का ही ई-खरीद पोर्टल पर सत्यापन हुआ है। जिस कारण करीब 10 क्विंटल बाजरा भावांतर के तहत नहीं बेच पा रहा। -राजू, किसान, गांव कारोता
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