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इमरजेंसी सहायता के लिए अब डायल करें 112 नंबर

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नारनौल। इमरजेंसी सहायता के लिए अब लोगों को अलग-अलग नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं है। इमरजेंसी रिस्पांस एंड सर्पोट सिस्टम (ईआरएसएस) डायल 112 सोमवार से प्रदेशभर में शुरू हो गया है। अब अगर किसी को पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की तत्काल सहायता की जरूरत है, तो वह सीधे 112 नंबर पर कॉल कर सकता है। सोमवार से यह योजना महेंद्रगढ़ जिले में भी शुरू हो गई है। मौजूदा आपातकालीन नंबर जैसे 100 (पुलिस), 101 (अग्नि), और 108 (एम्बुलेंस) को एकीकृत टोल फ्री नंबर 112 में एकीकृत किया गया है।
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इस योजना के तहत पंचकूला में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। डायल 112 के तहत एक ही नंबर पर आपातकालीन सभी सुविधाएं मिलने से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी। जिला स्तर पर महेंद्रगढ़ जिले में डायल 112 प्रोजेक्ट का कार्यभार डीआई के पद पर कार्यरत इंस्पेक्टर मुनीश को दिया गया है।
-अब पुलिस सहायता के लिए सीधे 112 करे डायल
पुलिस सहायता लेने के लिए अब आमजन 112 नंबर डायल कर मदद लें। यह कॉल पंचकूला स्थित स्टेट कंट्रोल रूम से होकर सीधे तौर पर योजना को लेकर भेजी गई इनोवा गाड़ी में लगे ऑनलाइन वायरलेस पर जाएगी। इस दौरान पीड़ित जहां से बोल रहा है उसकी लोकेशन अनुसार जो भी गाड़ी नजदीक होगी, वह तुरंत मौके पर पहुंचेगी। पंचकूला में बनाए गए स्टेट कंट्रोल रूम में हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी तथा हरियाणवी चार भाषाओं में काम करने की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक नागरिक तक सेवाओं की पहुंच हो सके। जहां पर जिस भाषा में पीड़ित बात करना चाहता है, उसी की भाषा में कंट्रोल रूम पर बैठे कर्मचारी बातचीत कर शिकायत नोट करेंगे। इसके बाद तुरंत कॉल पीड़ित की लोकेशन के नजदीक वाली गाड़ी में पहुंच जाएगी। इसके बाद तुरंत पीड़ित के पास पुलिस कर्मचारी सहायता देने के लिए जाएंगे।
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-समाधान नहीं हुआ तो आएगी थाना पुलिस
एक इनोवा गाड़ी में चालक सहित तीन पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। डायल 112 पर शिकायत मिलते ही शहर में 15 मिनट और गांव में 30 मिनट के अंदर पहुंच जाएंगे। जहां जाकर पीड़ित व दूसरे पक्ष से पूछताछ की जाएगी। अगर मामला सुलझता है तो ठीक वरना नजदीकी थाना पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया जाएगा।
-झूठी शिकायतों पर लगेगा अंकुश
डायल 112 पर शिकायत पहुंचते ही पुलिस मौके पर पहुंच जाएगी। जहां पर दोनों पक्षों में किस बात को लेकर विवाद या झगड़ा हुआ है, सब साफ हो जाएगा। यह लोकेशन कहां की है और कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे। अगर उस दौरान मामला नहीं सुलझा तो दोनों पक्ष बाद में एक दूसरे के खिलाफ झूठी शिकायत भी नहीं दे पाएंगे। क्योंकि विवाद होते ही तुरंत पहुंची पुलिस पूरी जानकारी लेकर थाना पुलिस को भी देगी। इससे निष्पक्ष और सही कार्रवाई होगी।
-8 थानों में दी दो-दो इनोवा गाड़ियां
एसपी चंद्रमोहन ने कहा कि जिले के 8 थानों में दो-दो इनोवा गाड़ियां दी गई हैं। पुलिस विभाग के लिए डायल 112 प्रोजेक्ट एक क्रांतिकारी कदम है और इसके माध्यम से लोगों को आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त होगी। जिले में इस प्रोजेक्ट के बेहतर क्रियान्वन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में 16 गाड़ियों पर 96 प्रशिक्षित पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
-कर्मचारियों को एक महीने पहले दी जा चुकी है ट्रेनिंग
जिले में 8 थाने हैं। सिटी थाना नारनौल, सदर थाना नारनौल, नांगल चौधरी थाना, अटेली थाना, सिटी थाना महेंद्रगढ़, सदर थाना महेंद्रगढ़, कनीना थाना, सतनाली थाना शामिल हैं। इन सभी को डायल 112 प्रोजेक्ट के तहत दो-दो इनोवा गाड़ियां दी गई हैं। इन सभी 16 इनोवा गाड़ियों में चालक से लेकर जो पुलिस कर्मचारी तैनात किए हैं, सभी को एक महीने पहले ही डायल 112 के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है। डायल 112 पर नियुक्त करने से पहले एसपी ने पुलिस कर्मचारियों से आवेदन भी मांगे थे। जो इच्छुक थे, उन्हें ट्रेनिंग दिलाई गई है और ट्रेनिंग वालों को ही इन गाड़ियों पर तैनात किया गया है।
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