बिजली निगम की हालत सुधरे तो सुधरे कैसे जब सरकार के अपने ही विभाग जब कई करोड़ रुपये का बिल नहीं भर रहे हैं। इन सरकारी कार्यालयों से बिल की वसूली करना बिजली निगम के पसीने छूट रहे हैं। इसके साथ-साथ उपभोक्ताओं पर भी निगम के करोड़ों रुपये का बिल बकाया है। हालांकि निगम बकाया राशि को वसूलने के लिए कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इन विभागों व उपभोक्ताओं पर इतनी अधिक राशि बकाया है कि इसे वसूलना निगम के लिए आसान नहीं है।
जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों पर बिजली निगम का 53 करोड़ 71 लाख रुपये तथा उपभोक्ताओं पर 63 करोड़ 80 लाख रुपये का बिल बकाया है। बिल नहीं भरने पर 29327 उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी काट चुका है। इनमें से 28870 उपभोक्ता और 457 सरकारी विभाग शामिल हैं। संवाद
बकाया राशि जमा करवाने के लिए निगम भेज रहा नोटिस
बकाया बिजली बिलों की राशि वसूलने के लिए निगम द्वारा डिफाल्टर उपभोक्ताओं और सरकारी कार्यालयों को नोटिस भेजे गए हैं। इन नोटिसों के बाद तो कुछ उपभोक्ताओं ने बकाया बिल जमा कर दिया तो कुछ उन उपभोक्ताओं ने अपने बिल का कुछ हिस्सा जमा कर दिया है, जिनका बिल अधिक है। मगर निगम द्वारा बार-बार नोटिस देने के बावजूद कई उपभोक्ता पूरी राशि जमा नहीं कर रहे हैं।
राशि जमा नहीं करवाने वाले के काटे जा रहे कनेक्शन
बार-बार नोटिस देने के बाद भी बिल जमा नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं के निगम द्वारा लगातार कनेक्शन काटे जा रहे हैं। निगम द्वारा अब तक 29327 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं। इनमें 3929 शहरी, 15430 ग्रामीण, 5133 गैर घरेलू, 857 उद्योग, 3521 कृषि कनेक्शन शामिल हैं। इसके अलावा 457 सरकारी विभाग के कनेक्शन शामिल हैं।
इन विभागों पर है करोड़ों रुपये का बिल बकाया
विभाग बकाया राशि
सिंचाई विभाग 3 लाख 28 हजार
जनस्वास्थ्य विभाग 29 करोड़ 13 लाख
नपा स्ट्रीट लाइट 5 करोड़ 97 लाख
पंचायत विभाग 8 करोड़ 43 लाख
अन्य विभागों 10 करोड़ 13 लाख
इन उपभोक्ताओं पर भी करोड़ों बकाया
शहरी 5 करोड़ 70 लाख
ग्रामीण 23 करोड़ 88 लाख
गैर घरेलू 10 करोड़ 18 लाख
उद्योगों 18 करोड़ 73 लाख
कृषि 5 करोड़ 30 लाख
निगम द्वारा बकायादारों को नोटिस भेजकर बिल अदायगी करने के लिए कहा गया है। जोकि समय पर बिजली की अदायगी नहीं करते हैं उनके कनेक्शन भी काटे जाते हैं। इसके अलावा विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाती है। जवाहर सिंह, एसडीओ, शहरी बिजली निगम, नारनौल।