जिले में डीएपी खाद की कमी के बाद अब किसानों को यूरिया भी नहीं मिल रहा है। जिसके चलते किसानों को चिंता सता रही है। सरसों की फसल में पानी देने का काम चल रहा है। जिसके चलते किसान को यूरिया खाद की आवश्यकता है। किसानों को वो दिन भी याद है कि पूरे दिन लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ा। जिसको देखते हुए किसानों को अब यूरिया खाद की चिंता सताने लगी है। किसान दिनभर चक्कर काटकर खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार प्रदेश में खाद की कमी नहीं बता रही है। खाद की कमी से किसानों के साथ-साथ अधिकारी भी परेशान हैं। जिले में गेहूं की फसल का रकबा लगभग 75 हजार एकड़ है। वहीं पिछले साल 90 हजार एकड़ में गेहूं की फसल थी। सरसों की बिजाई के 15-20 दिन बाद यूरिया छिड़काव करना जरूरी होता है। जो पौधे की वृद्धि में सहायक होता है।
कल यूरिया आने की संभावना
पिछले दो हफ्तों से किसानों को खाद के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। सोमवार को यूरिया खाद आने की संभावना बताई जा रही है, लेकिन किसानों को कोई आस नहीं लग रही है।